चेन्नई से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने रोचक गतिविधियों से दिया प्रशिक्षण

रायगढ़, 12 अप्रैल 2026/ कलेक्टर के निर्देश एवं डीईओ श्री के.व्ही.राव के मार्गदर्शन में जिले की शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी शालाओं में विद्यार्थियों को व्यवहारिक एवं जीवनोपयोगी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से वित्तीय साक्षरता एवं फाइनेंशियल लैब निर्माण विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन स्थानीय नटवर अंग्रेजी माध्यम स्कूल में किया गया। कार्यशाला में जिले की चयनित चार शालाओं में पदस्थ व्याख्याताओं ने सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को वित्तीय विषयों की व्यवहारिक समझ प्रदान करना, उन्हें आधुनिक आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना तथा विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों में वित्तीय जागरूकता विकसित करने हेतु सक्षम बनाना था।
प्रशिक्षण के दौरान चेन्नई से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा अत्यंत रोचक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय, डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा, बैंकिंग प्रणाली, बचत एवं निवेश के सिद्धांत, स्टॉक मार्केट की मूलभूत जानकारी, बीमा, बजट निर्माण, तथा दैनिक जीवन में वित्तीय निर्णय लेने की समझ शामिल रही। प्रशिक्षकों ने उदाहरणों, खेलों, समूह चर्चा, भूमिका निर्वहन तथा प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से विषय को सरल एवं प्रभावी बनाया, जिससे प्रतिभागियों में विषय के प्रति गहरी रुचि विकसित हुई। कार्यशाला में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महापल्ली, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोतरा, पीएमसी नटवर स्कूल तथा पुसौर विकासखंड की शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला औरदा के व्याख्याताओं ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण में विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया कि वित्तीय शिक्षा केवल सैद्धांतिक न होकर व्यवहारिक एवं अनुभव आधारित होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रत्येक विद्यालय में फाइनेंस लैब स्थापित करने की रूपरेखा भी साझा की गई। फाइनेंस लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को बैंकिंग प्रक्रियाएं, नकली एवं वास्तविक मुद्रा की पहचान, निवेश के विकल्प, डिजिटल भुगतान प्रणाली, तथा वित्तीय प्रबंधन से संबंधित अवधारणाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में इस प्रशिक्षण के अनुरूप विद्यार्थियों हेतु गतिविधि आधारित कार्यक्रम आयोजित करें। जैसे-वित्तीय क्विज, बजट निर्माण अभ्यास, नकली बैंक मॉडल, शेयर बाजार का सिमुलेशन आदि। इससे विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से ही वित्तीय अनुशासन एवं जागरूकता विकसित की जा सकेगी।
उपस्थित सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया तथा इसे अपने शैक्षणिक कार्य में प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया। कार्यशाला के संचालन में समग्र शिक्षा जिला कार्यालय से प्रभारी जिला मिशन समन्वयक श्री भूपेन्द्र पटेल एवं बीआरसी रायगढ़ श्री मनोज अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।

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