आरबीआई का क्षेत्रीय स्तरीय कार्यक्रम रायगढ़ में आयोजित

डिजिटल फ्रॉड से बचाव, निवेश, बजट और उपभोक्ता संरक्षण पर प्रतिभागियों को दी गई विस्तृत जानकारी

रायगढ़, 21 मई 2026। भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर द्वारा वित्तीय समावेशन एवं वित्तीय साक्षरता विषय पर क्षेत्रीय-स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का स्थानीय एक होटल में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देना तथा लोगों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कियोस्क ऑपरेटर (बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट), वित्तीय साक्षरता सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, सहभागी संसाधन व्यक्ति, वित्तीय साक्षरता केंद्र के परामर्शदाता, वित्तीय साक्षरता सलाहकार तथा आरसेटी के निदेशक शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय रिज़र्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री सतेंद्र कुमार राठौड़ के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने प्रतिभागियों को कार्यक्रम के उद्देश्य और वित्तीय समावेशन की आवश्यकता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना भारतीय रिज़र्व बैंक की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता केवल बैंक खाता खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षित वित्तीय व्यवहार, बचत, निवेश और डिजिटल लेनदेन की समझ विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को वित्तीय समावेशन के प्रमुख घटकों वित्तीय सेवाओं की पहुँच एवं उपलब्धता, सेवाओं का उपयोग, सामर्थ्य, वित्तीय साक्षरता तथा उपभोक्ता संरक्षण के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं का प्रभावी उपयोग तभी संभव है जब आम नागरिकों को इन सेवाओं की सही जानकारी और समझ हो।
इस दौरान प्रतिभागियों को व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम में बजट के महत्व, आय और व्यय के संतुलन, बचत की आदत विकसित करने, चक्रवृद्धि ब्याज के लाभ तथा विविध निवेश दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि पूंजी को विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करने से वित्तीय जोखिम को कम किया जा सकता है और बेहतर आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
उपभोक्ता अधिकारों और संरक्षण को लेकर भी कार्यक्रम में विशेष जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को भारतीय रिज़र्व बैंक की एकीकृत लोकपाल योजना के बारे में बताया गया, जिसके माध्यम से बैंकिंग सेवाओं से संबंधित शिकायतों का समाधान किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की स्थिति में वे उचित मंच पर शिकायत दर्ज करा सकें।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण विषय डिजिटल सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से बचाव रहा। भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को डिजिटल फ्रॉड एवं तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” जैसी घटनाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्हें बताया गया कि अपना ओ टी पी, अपी आई पिन, बैंक पासवर्ड अथवा किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी किसी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। यहां बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति गलती से अपना ओटीपी साझा कर देता है या उसके खाते में कोई अनधिकृत लेनदेन दिखाई देता है, तो तत्काल संबंधित बैंक को सूचित करें तथा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

भारतीय रिज़र्व बैंक के अग्रणी जिला अधिकारी श्री नवीन तिवारी ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यवहारिक जानकारी उपलब्ध कराई और वित्तीय साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक महाप्रबंधक श्री सतेंद्र कुमार राठौड़ द्वारा वित्तीय समावेशन और वित्तीय साक्षरता विषय पर क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री कमल किशोर सिंह ने आयोजन के अंत में रायगढ़ जिले में इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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