कालीबाड़ी हाउसिंग बोर्ड भिलाई की जमीन विधायक देवेंद्र यादव के भाई धर्मेंद्र यादव द्वारा कम दामों पर खरीदने के मामले में पेश जनहित याचिका और दो अन्य याचिकाओं को हाई कोर्ट ने निराकृत कर दिया है। डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता और हस्तक्षेपकर्ता को अभ्यावेदन अधिकृत प्राधिकारी के समक्ष दो सप्ताह में देने का निर्देश देते हुए इसका छह सप्ताह में निराकरण करने का निर्देश दिए हैं। आठ सप्ताह तक यथास्थिति बरकरार रहेगी।

कालीबाड़ी हाउसिंग बोर्ड भिलाई में धर्मेंद्र यादव द्वारा हाउसिंग बोर्ड से 15,000 स्क्वायर फीट जमीन दो करोड़ 52 लाख में खरीदी थी। इस संबंध में आम आदमी पार्टी के नेता मेहरबान सिंह ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। इसके साथ ही हाउसिंग बोर्ड निवासी उदय सिंह तथा पीयूष मिश्रा द्वारा हाई कोर्ट में अलग–अलग याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में धर्मेंद्र यादव द्वारा जरूरत से ज्यादा हिस्से में कब्जा करने की शिकायत की थी। सभी याचिकाओं पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में एकसाथ सुनवाई हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि, यह स्पष्ट किया जाता है कि याचिकाकर्ताओं के साथ-साथ जनहित याचिका में हस्तक्षेपकर्ता आज से दो सप्ताह की अवधि के भीतर संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद छह सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाएगा। इस बीच आठ सप्ताह की अवधि के लिए दोनों याचिकाओं पर यथास्थिति बनी रहेगी।

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