मैदानी अमले को दिया गया विस्तृत प्रशिक्षण

ग्राम पंचायतों में कचरा पृथक्करण एवं संग्रहण व्यवस्था मजबूत करने पर दिया गया विशेष जोर

‘स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु’ अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने का आह्वान

रायगढ़, 3 जून 2026/ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायगढ़ श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सभाकक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले के विभिन्न विभागों एवं पंचायत स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों को नियमावली के प्रावधानों से अवगत कराते हुए उसके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए तैयार करना था।
कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रमुख प्रावधानों, ग्राम पंचायत स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, घरों एवं संस्थानों से निकलने वाले कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, प्लास्टिक एवं घरेलू अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा स्वच्छता संबंधी अधोसंरचना के प्रभावी संचालन एवं रखरखाव पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े व्यवहार परिवर्तन, सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने तथा अपशिष्ट प्रबंधन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के संबंध में भी आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, पर्यावरण प्रदूषण को कम करना तथा अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कचरा पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था विकसित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर सूखा एवं गीला कचरा पृथक करने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए तथा ग्रामीणों को इसके लिए नियमित रूप से जागरूक किया जाए। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट के पृथक संग्रहण एवं उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी अधोसंरचनाओं का नियमित संचालन एवं रखरखाव सुनिश्चित करना स्थानीय निकायों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसके लिए निरंतर निगरानी और सामुदायिक सहयोग आवश्यक है।
कार्यशाला में ‘स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु’ अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे ग्रामीण समुदाय, महिला स्व-सहायता समूहों, विद्यालयों, युवाओं तथा सामाजिक संगठनों को अभियान से जोड़ते हुए स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता विकसित करें। प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों एवं पंचायतों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए नियमित समीक्षा, निगरानी एवं जनसहभागिता आधारित गतिविधियों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर उप संचालक पंचायत, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सभी विकासखंड स्वच्छता अधिकारी, विकासखंड समन्वयक, क्लस्टर समन्वयक, जनपद एवं जिला स्तर के संकाय सदस्य, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला सलाहकार, समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के विकासखंड परियोजना प्रबंधक तथा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करते हुए स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल ग्रामों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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