शिक्षा में लापरवाही नहीं चलेगी : डीईओ श्यामानंद साहू

रायगढ़। नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ होते ही जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को अनुशासित, उत्तरदायी एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी श्यामानंद साहू , जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार ने रायगढ़, तमनार एवं घरघोड़ा विकासखंड के 10 शासकीय विद्यालयों का सघन एवं आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति, कक्षा संचालन, स्वच्छता, अभिलेख संधारण तथा निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की गई। जहां उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई, वहीं लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शासकीय माध्यमिक शाला बंगुरसिया : लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस के निर्देश
विद्यालय में पाठ्यपुस्तक वितरण, डेली डायरी एवं शैक्षणिक अभिलेखों में गंभीर कमियां मिलने पर प्रधान पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान संबंधित सीएसी भूपेश पांडा अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

प्राथमिक शाला बंगुरसिया : विद्यार्थियों की प्रतिभा ने जीता दिल
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने गिनती एवं पहाड़ों का परीक्षण किया। कक्षा तीसरी के छात्र विपुल गुप्ता ने 20 तक के पहाड़े धाराप्रवाह सुनाकर सभी को प्रभावित किया। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए नियमित अभ्यास एवं आत्मविश्वास के साथ अध्ययन करने की प्रेरणा दी गई।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महलोई : भवन निर्माण की समीक्षा, स्कूल डेवलपमेंट प्लान बनाने के निर्देश
विद्यालय के प्रत्येक कक्ष का निरीक्षण करने के साथ निर्माणाधीन नए भवन की प्रगति का भी जायजा लिया गया। संबंधित ठेकेदार को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। शिक्षकों की बैठक लेकर ब्लूप्रिंट आधारित शिक्षण, बोर्ड परीक्षा की तैयारी तथा प्रत्येक विद्यालय का स्कूल डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवगढ़ : कक्षा छोड़ स्टाफ रूम में मिले शिक्षक

निरीक्षण के दौरान कुछ शिक्षक कक्षा में अध्यापन कराने के बजाय स्टाफ रूम में बैठे मिले। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित शिक्षकों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए तथा स्पष्ट कहा कि विद्यालय समय में प्रत्येक शिक्षक का स्थान विद्यार्थियों के बीच कक्षा में होना चाहिए।
पीएम श्री विद्यालय तमनार : अनुशासित एवं प्रेरणादायी विद्यालय वातावरण पर जोर
विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित कक्षा संचालन, विद्यार्थियों की सहभागिता एवं अनुशासन को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए।

पीएम श्री विद्यालय घरघोड़ा : स्वच्छता,पर विशेष फोकस

विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए प्राचार्य को साफ-सफाई, परिसर की सुव्यवस्था एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी विद्यालयों में साउंड सिस्टम के माध्यम से नियमित एवं व्यवस्थित प्रार्थना सभा आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं नैतिक मूल्यों का विकास हो सके।
शासकीय हाई स्कूल भालूमार : जिला शिक्षा अधिकारी ने स्वयं चॉक पकड़कर पढ़ाई शुरू की

शासकीय हाई स्कूल भालूमार में जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू ने स्वयं चॉक पकड़कर विद्यार्थियों को अंग्रेजी व्याकरण का अध्यापन कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, नियमित अध्ययन करने एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। निरीक्षण के दौरान लगभग सभी विद्यालयों की कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा शिक्षकों को सीखने के परिणामों में सुधार लाने के लिए प्रेरित किया।

कक्षाओं में शिक्षकों को मोबाइल चलाने पर दिए कड़े निर्देश

निरीक्षण के दौरान सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाए। आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए विषयवार रणनीति तैयार की जाए, ब्लूप्रिंट आधारित शिक्षण अपनाया जाए तथा प्रत्येक विद्यालय अपना प्रभावी स्कूल डेवलपमेंट प्लान तैयार कर समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करे। कोई भी शिक्षक क्लास रूम में पढ़ते समय मोबाइल का उपयोग ना करें इसके लिए विशेष हिदायत दी गई।
जिला शिक्षा अधिकारी श्यामानंद साहू ने कहा
विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की प्रयोगशाला हैं। शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक शिक्षक का प्रथम दायित्व है कि वह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण और बेहतर सीखने के अवसर प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचाए। आगामी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम के लिए अभी से ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्य करना होगा।
डीएमसी आलोक स्वर्णकार ने कहा
हर विद्यालय में नियमित मॉनिटरिंग, प्रभावी कक्षा संचालन, स्वच्छ एवं प्रेरणादायी वातावरण तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सतत सुधार हमारी प्राथमिकता है। प्रत्येक विद्यालय अपने स्कूल डेवलपमेंट प्लान के अनुरूप कार्य करे। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरीक्षण और अकादमिक सहयोग की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।

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