*परिवार और पूर्वांचल भोजपुरी समाज रायगढ़ ने निभाई विशेष भूमिका*
रायगढ़। नन्हे हिमांक पटेल के प्रथम जन्मदिन के अवसर पर उनके दादा पुरुषोत्तम पटेल और परिवार ने एक अनोखी पहल की। इस विशेष दिन को यादगार बनाते हुए पटेल परिवार ने मातृ शिशु अस्पताल में मरीजों के परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन, मिष्ठान्न और फलों का वितरण किया। यह आयोजन न सिर्फ उनके परिवार की सहृदयता का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक सेवा के प्रति उनकी गहरी भावना का भी परिचय देता है।इस अवसर पर पुरुषोत्तम पटेल के परिवार के सदस्य बसंती पटेल, ममता पटेल, कुमुद प्रकाश पटेल , चांदनी पटेल, स्वीटी पटेल, मीठी पटेल, आरव पटेल, हिमांक पटेल और शुभम पटेल ने भी इस नेक कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने मरीजों के परिजनों के साथ मिलकर अपनी खुशी को साझा किया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह पहल न केवल उनके छोटे हिमांक के जन्मदिन का उत्सव है, बल्कि समाज सेवा के प्रति उनके परिवार की प्रतिबद्धता का हिस्सा भी है।*पूर्वांचल भोजपुरी समाज का अहम योगदान*इस आयोजन को सफल बनाने में पूर्वांचल भोजपुरी समाज रायगढ़ के “मां अन्नपूर्णा रसोई” का विशेष सहयोग रहा। समाज के संरक्षक प्रेम नारायण मौर्य, अध्यक्ष उमेश उपाध्याय, एन सी झा, और संदीप सिंह समेत कई अन्य सदस्य भी इस दौरान उपस्थित रहे और आयोजन में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। मां अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से पूर्वांचल भोजपुरी समाज जुलाई महीने से निरंतर इस तरह के भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, और भविष्य में भी इस सेवा को जारी रखने की योजना है।*आगे भी जारी रहेगी सेवा*पुरुषोत्तम पटेल ने इस मौके पर कहा कि उनके परिवार में अन्य बच्चों और सदस्यों के जन्मदिन पर भी इसी तरह मां अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन और फलों का वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह पहल उनके परिवार के सेवा भाव और समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। उनकी यह प्रेरणा अन्य लोगों के लिए भी एक मिसाल है, जिससे वे भी अपने जीवन के विशेष अवसरों को समाज सेवा के माध्यम से मनाने के लिए प्रेरित होंगे।*समाज में सकारात्मक संदेश*ऐसे आयोजन समाज में सेवा भाव और उदारता का संदेश देते हैं। मातृ शिशु अस्पताल में आए हुए परिजनों ने इस सेवा का लाभ उठाते हुए पटेल परिवार और पूर्वांचल भोजपुरी समाज का धन्यवाद किया। इस तरह की गतिविधियाँ उन लोगों की मदद करती हैं, जो अपने परिजनों के इलाज के दौरान आर्थिक और मानसिक रूप से संघर्ष कर रहे होते हैं। इस पहल ने निश्चित रूप से समाज में सेवा भाव को बढ़ावा दिया है और अन्य लोगों को भी इस दिशा में प्रेरित किया है।हिमांक के प्रथम जन्मदिन पर किया गया यह कार्य उनके परिवार के लिए तो विशेष है ही, साथ ही यह समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
