बाजार का इतिहास आज शहर की धरोहर बन चुके इस बाजार की शुरुआत 22 मई 1956 को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष जमुना प्रसाद वर्मा के हाथों हुआ था। उपाध्यक्ष सिंधी समाज के ही रहंदामल नथानी थे। लोकार्पण से लेकर वर्ष 1980 तक इसे सिंधी मार्केट के नाम से जाना जाता था। इस अवधि के बाद समाज के लोगों ने भक्त कंवरराम मार्केट का नाम दिया।शहर के बीचों-बीच स्थित भक्त कंवरराम मार्केट, जो 1956 में स्थापित हुआ था, आज न केवल एक कपड़ा बाजार है, बल्कि शहरवासियों के दिलों से गहराई से जुड़ा एक अहम हिस्सा बन चुका है। यह बाजार, जो अपने सस्ते और अच्छी क्वालिटी के कपड़ों के लिए जाना जाता है। बिलासपुर के मुख्य कपड़ा बाजारों में से एक है। यहां पर छोटे से लेकर बड़े व्यापारी अपनी पीढ़ियों से व्यापार चला रहे हैं, जो परिवार की मेहनत और शहर के प्रति उनकी वफादारी का प्रतीक है।

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