कारगिल युद्ध के कुछ दिन पहले ही वे भिलाई में छुट्टी बिताकर वापस लौटे थे। 1999 में कारगिल में भयंकर युद्ध छिड़ गया था। पाकिस्तानी सेना ने कारगिल की कई ऊंची चोटियों पर कब्जा कर लिया था। 15 डिग्री माइनस डिग्री तापमान में भीरतीय सेना ने युद्ध लड़ा और पाकिस्तानी सेना को मार भगाया।26 जुलाई 1999 को भारत सरकार ने कारगिल विजय दिवस मनाने का निर्णय लिया था। दरअसल तब तक कारगिल के द्रास सेक्टर की ऊंची चोटियों से गोली बरसा रहे ज्यादातर पाकिस्तानियों का सफाया हो गया था। कुछ टाप बच गए थे। इसमें से एक था जुलू टॉप। 25 जुलाई को जुलू टॉप को आजाद कराने की जिम्मेदारी इंडियन आर्मी के 9 पैरा यूनिट के सेना नायक कौशल यादव को सौंपी गई। कौशल यादव के दल ने 130 पाकिस्तानियों को न केवल खदेड़ा, बल्कि कौशल यादव ने पांच पाकिस्तानियों को अकेले मार गिराया। जुलू टॉप पर तिरंगा लहराने के बाद वे वीरगति को प्राप्त हो गए।
