रायगढ़: संस्कारधानी रायगढ़ की आस्था के प्रमुख केंद्र ‘पहाड़ मंदिर’ में भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ और विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। मनोरम प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित इस पावन धाम में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था।
शाम ढलते ही पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद सुंदरकांड पाठ की शुरुआत हुई। सुप्रसिद्ध भजन गायकों और मंडली ने जब हारमोनियम और ढोलक की थाप पर गोस्वामी तुलसीदास कृत रामायण की चौपाइयों का गायन किया, तो पूरा वातावरण राममय हो गया। “मंगल भवन अमंगल हारी…” और “कवन सो काज कठिन जग माहीं…” जैसी चौपाइयों पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे।
सुंदरकांड पाठ के उपरांत आयोजित भजन संध्या में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। संकटमोचन हनुमान और भगवान श्रीराम की महिमा का बखान करते गीतों पर उपस्थित भक्त भाव-विभोर होकर तालियां बजाते नजर आए। जय श्री राम और पवनपुत्र हनुमान के जयकारों से पूरा पहाड़ गूंज उठा।
कार्यक्रम के अंत में भगवान की भव्य महाआरती उतारी गई और उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच विशेष महाप्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि शहरवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ यह आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों ने हिस्सा लिया।
