पुसौर विकासखंड के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में आयोजित हुईं कार्यशालाएं, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों की दी गई जानकारी

रायगढ़, 11 अक्टूबर 2026/ विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के लिए सही करियर चुनने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सेवा संकल्प अभियान के तहत पुसौर विकासखंड के समस्त हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में एक दिवसीय करियर मार्गदर्शन कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी की मंशा के अनुरूप कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यशालाओं में विद्यार्थियों को कक्षा दसवीं और बारहवीं के बाद विषय चयन, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा रोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई।

प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तक मिली जानकारी

कार्यशालाओं में प्रशिक्षित वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नीट, जेईई, संघ लोक सेवा आयोग, राज्य सेवा परीक्षा, बैंकिंग, रेलवे, कर्मचारी चयन आयोग और रक्षा सेवाओं सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के तरीके बताए। साथ ही वर्तमान समय की मांग के अनुरूप व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, तकनीकी शिक्षा और स्वरोजगार के अवसरों से भी अवगत कराया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य के अनुरूप करियर का चयन करने तथा योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

स्मार्ट क्लास के माध्यम से समझाए कठिन सवाल

कार्यशालाओं में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर पढ़ाई को सरल और रोचक बनाने पर भी जोर दिया गया। स्मार्ट बोर्ड और डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से विद्यार्थियों को तर्कशक्ति से जुड़े सवालों, विशेषकर कोडिंग-डिकोडिंग जैसे विषयों को हल करने के तरीके समझाए गए। इससे विद्यार्थियों को जटिल सवालों को समझने और उन्हें हल करने की प्रक्रिया जानने का अवसर मिला। कार्यशाला में श्रीमती हेमलता चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष पुसौर, अतिरिक्त कमिश्नर श्री हरिशंकर चौहान, सहायक प्राध्यापक श्री हरिप्रसाद चौहान, डॉ. शिव सिदार, डॉ. अजय नायक, डॉ. सरोज, लक्ष्य अकादमी के श्री निखिल पंडा, बीईओ रायगढ़ श्री संजय पटेल और सहायक प्राध्यापक श्री प्रताप चौधरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के वक्ताओं ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मार्गदर्शक शिक्षकों, विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और कार्यालयीन कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *