बालक को अपने ही समुदाय में मिला सुरक्षित और पारिवारिक वातावरण
रायगढ़, 24 सितम्बर 2026/ बाल संरक्षण और बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए रायगढ़ जिले में दूसरा समुदाय-आधारित फोस्टर केयर (पोषण देखरेख) प्लेसमेंट सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके तहत समुदाय स्तर पर चिन्हांकित एक बालक को फोस्टर परिवार की पोषण देखरेख में सौंपा गया। खास बात यह है कि बालक और फोस्टर परिवार एक ही समुदाय से हैं, जिससे बच्चे को परिचित सामाजिक परिवेश में पारिवारिक वातावरण मिल सकेगा।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में बाल संरक्षण एवं संकटग्रस्त बच्चों के पुनर्वास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई की तत्परता से इस प्रकरण की आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। बाल कल्याण समिति, रायगढ़ के अध्यक्ष श्री गेवेश नायक तथा सदस्य श्री रूपलाल चौहान, श्रीमती निवेदिता पटनायक, श्रीमती दिव्या पांडेय एवं श्रीमती मृदुला सिसौदिया ने प्रकरण का अवलोकन कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया। विधिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बालक के फोस्टर केयर प्लेसमेंट को स्वीकृति दी गई।
जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा फोस्टर पालक का ऑनलाइन पंजीयन पूरा किया गया था। तकनीकी कारणों से ऑनलाइन प्लेसमेंट आदेश जारी नहीं हो पाने की स्थिति में बालक के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए ऑफलाइन फॉर्म-32 के माध्यम से उसे पोषण देखरेख में सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई। यह कार्य जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अरुण कुमार पांडेय के दिशा-निर्देश एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री धीरेन्द्र शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान संरक्षण अधिकारी (गैर-संस्थागत) श्री प्रकाश ठाकुर, कंप्यूटर ऑपरेटर श्री खुशीराम साहू, आउटरीच वर्कर श्री दूबीश्याम, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती किरण मेहर, परामर्शदाता श्रीमती रामकुमारी पटेल एवं सीईएसी श्रीमती सविता साव उपस्थित रहे।
