फॉगिंग और मेलाथियान तेल का छिड़काव शुरू करने की मांग,
सफाई उपकरणों की कमी और कर्मचारियों की मनमानी पर भी उठाए सवाल
रायगढ़। रायगढ़ नगर पालिक निगम के सभी 48 वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया एवं कांग्रेसी पार्षदों ने निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में नियमित कचरा उठाव, फॉगिंग, नालियों की सफाई, मच्छर नियंत्रण, आधुनिक सफाई उपकरणों की उपलब्धता तथा सफाई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सहित शाखा यादव अध्यक्ष जिला कांग्रेस, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला, पूर्व महामंत्री कांग्रेस विकास शर्मा, पार्षद विकास ठेठवार,अनुपमा यादव, अमृत काटजू, प्रदीप विजयचंद्र टोप्पो, संदीप अग्रवाल ब्लॉक अध्यक्ष, आशीष शर्मा महामंत्री शहर कांग्रेस, आशीष चौबे ब्लॉक अध्यक्ष, पूर्व पार्षद संजय चौहान, शारदा सिंह गहलोत सहित कांग्रेसी पार्षदगण शामिल रहे।
नालियों की सफाई में आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल हो
ज्ञापन में सफाई कर्मचारियों को गंदे नाले के दूषित पानी में उतरकर सफाई कराने की व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई गई है। कहा गया है कि इससे कर्मचारी असुरक्षित और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर होते हैं। विकसित देशों की तरह बड़े नालों और नालियों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। पार्षदों का आरोप है कि निगम के पास सक्शन और जेटिंग वाहन उपलब्ध होने के बावजूद उनका उपयोग डिवाइडर एवं मूर्तियों की सफाई में किया जा रहा है। इन मशीनों का उपयोग बड़े नालों एवं नालियों की सफाई में किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में यह भी सवाल उठाया गया है कि शहर के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन आम जनता को स्वच्छ वातावरण, धूल रहित सड़कें और डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से राहत क्यों नहीं मिल पा रही है। इसमें ट्रिपल इंजन की सरकार के पास राशि उपलब्ध नहीं होने के दावे और आम जनता से टैक्स के रूप में ली गई करोड़ों रुपये की राशि के उपयोग को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। पार्षदों ने कहा कि नगर निगम आज भी सफाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त आधुनिक संसाधनों और उपकरणों की कमी से जूझ रहा है। सफाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने और व्यवस्था को आधुनिक बनाने की जरूरत है।
ज्ञापन के अंत में चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार नहीं किया गया तो 7 दिवस के बाद नगर निगम में धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी नगर पालिक निगम आयुक्त रायगढ़ की होगी। साथ ही जनहित एवं जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने और सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप/-
ज्ञापन में नगर निगम में सफाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लगे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा जिम्मेदारी दिए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। कहा गया है कि इनके कारण संबंधित क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इनके दुर्व्यवहार से आम जनता, पार्षदों तथा नगर निगम की छवि भी धूमिल हो रही है। ऐसे लोगों को तत्काल कार्य से मुक्त करते हुए संबंधित क्षेत्रों में स्थायी दरोगा की नियुक्ति करने की मांग की गई है।
48 वार्डों के दरोगा-सुपरवाइजर की रोजाना हाजिरी जांचने की मांग/-
पार्षदों ने सभी 48 वार्डों के दरोगा एवं सुपरवाइजरों को निर्देशित करने की मांग की है कि वे प्रतिदिन यह जानकारी दें कि कितने कर्मचारी उपस्थित हुए और कितने अनुपस्थित रहे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कई मामलों में अनुपस्थित कर्मचारियों की हाजिरी लगा दी जाती है तथा कर्मचारियों को निर्धारित समय से पहले छुट्टी भी दे दी जाती है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसलिए दरोगा और सुपरवाइजरों की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
चार डबल बैरल थर्मल फॉगिंग मशीन खरीदने की मांग/-
कांग्रेस पार्षदों ने सभी 48 वार्डों में फॉगिंग व्यवस्था तत्काल शुरू करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि नगर निगम की खराब पड़ी फॉगिंग मशीनों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए और आवश्यकता होने पर चार डबल बैरल थर्मल फॉगिंग मशीनें खरीदी जाएं। इसके बाद सभी 48 वार्डों के लिए वार्डवार नियमित फॉगिंग का शेड्यूल बनाया जाए और उसका पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही नालियों में जलभराव वाले क्षेत्रों, जहां कचरा जमा होता है तथा मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थल हैं, वहां नियमित रूप से मेलाथियान तेल का छिड़काव कराने की मांग की गई है।
