गढ़उमरिया, डूमरमुड़ा और छातामुरा संकुल के 22 शिक्षक हुए शामिल, कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण पर भी जोर

रायगढ़ 22 अगस्त 2026/बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत करने और प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से पुसौर विकासखंड के प्राथमिक शाला बोदाटिकरा में शनिवारिय बैठक-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। 22 अगस्त शनिवार को संयुक्त संकुल गढ़उमरिया, डूमरमुड़ा और छातामुरा के प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा तीसरी, चौथी और पांचवीं में गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री भुवनेश्वर पटेल ने बताया कि प्रशिक्षण में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2005 के उद्देश्यों, बच्चों में गणितीय क्षमता विकसित करने तथा मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लक्ष्यों को कक्षा-कक्ष की गतिविधियों के माध्यम से हासिल करने पर चर्चा की गई। गणितीय मॉडल और शिक्षण-अधिगम सामग्री के माध्यम से बच्चों की सहभागिता बढ़ाने तथा कठिन अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने की विधियां बताईं गई।

कक्षा में सीखने के प्रतिफल पर रहे विशेष ध्यान

विकासखंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर पटेल ने शिक्षकों को शाला समय में नियमित एवं समय पर उपस्थित रहने, वीएसके एप पर उपस्थिति दर्ज करने तथा पाठ्यक्रम विभाजन के अनुसार समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने कहा। प्रधान पाठकों को नियमित रूप से कक्षाओं की निगरानी करने और बच्चों में कक्षा अनुरूप सीखने के प्रतिफल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का सीखने का स्तर अपेक्षित नहीं है, उनके लिए विशेष रूप से उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की जाए। कक्षा तीसरी से पांचवीं के बच्चों को 20 तक पहाड़ा याद कराने, हिंदी पाठ्यपुस्तक का आदर्श पठन कराने तथा तीन अंकों की संख्याओं के गुणनखंड और भाग की समझ विकसित करने का लक्ष्य दिया गया। कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों के लिए बारहखड़ी का नियमित अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए। निर्धारित लक्ष्यों को 31 अगस्त तक पूरा करने कहा गया।

दैनंदिनी के अनुसार हो अध्यापन, शासकीय स्कूलों में बढ़े प्रवेश

शिक्षकों को प्रतिदिन दैनंदिनी लेखन करने और उसके अनुसार कक्षा-कक्ष में अध्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने शासकीय विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता में निरंतर सुधार कर उन्हें विद्यार्थियों और अभिभावकों की पसंद बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निजी विद्यालयों की ओर जाने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक संख्या में शासकीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए विशेष प्रयास करने कहा।

बैगलेस दिवस में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

बैठक में प्रत्येक शनिवार को बैगलेस दिवस के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के निर्देश दिए गए। नवोदय, एकलव्य, प्रयास, राष्ट्रीय साधन-सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति और उत्कर्ष परीक्षा जैसी परीक्षाओं की तैयारी नियमित रूप से कराने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण में तीनों संकुलों से 22 शिक्षक तथा संकुल समन्वयक गुरुदेव गुप्ता, मुरलीधर गुप्ता एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के घनश्याम प्रधान सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को गतिविधि आधारित एवं प्रभावी अध्यापन के लिए तैयार करने के साथ प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया गया।

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