बरसात में टूट गया था कच्चा मकान, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से मिला सुरक्षित आशियाना
रायगढ़, 19 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने तमनार विकासखण्ड के ग्राम पंचायत महलोई की विधवा महिला रत्नी अगरिया के जीवन में खुशियों की नई शुरुआत की है। वर्षों से कच्चे मकान में रहकर मजदूरी के सहारे जीवन-यापन कर रही रत्नी के लिए पक्का मकान बनाना लगभग असंभव था। बरसात में कच्चा मकान टूट जाने के बाद उनके सामने सुरक्षित आशियाने की बड़ी चिंता खड़ी हो गई थी। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत स्वीकृत पक्का आवास उनके लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं रहा।
रत्नी अगरिया मजदूरी कर अपना जीवन यापन करती हैं। अपनी मेहनत की कमाई से उन्होंने अपने बेटे का विवाह भी कराया। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच स्वयं के लिए पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं हो पाया। रत्नी लंबे समय से कच्चे मकान में रह रही थीं। बारिश के दिनों में मकान में नमी के कारण परेशानी बढ़ जाती थी। बरसात में मकान टूट जाने के बाद उनके सामने सिर छिपाने के लिए सुरक्षित छत की चिंता और गहरी हो गई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह अपने दम पर पक्का घर नहीं बना सकती थीं। ऐसे कठिन समय में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत रत्नी अगरिया का पक्का आवास स्वीकृत हुआ। शासन से आवास निर्माण के लिए सहायता राशि मिलने की जानकारी ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई। धीरे-धीरे उनका सपना आकार लेने लगा और कच्चे मकान की जगह पक्का आशियाना तैयार हो गया।
नवनिर्मित प्रधानमंत्री आवास तैयार होने के बाद चैत्र प्रतिपदा, हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर रत्नी अगरिया ने उत्साहपूर्वक अपने नए घर में गृह प्रवेश किया। पक्की छत मिलने की खुशी उनके चेहरे पर साफ दिखाई दी। जिस घर का सपना उनके लिए कभी असंभव जैसा था, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने उसे हकीकत में बदल दिया। नया पक्का आवास मिलने पर रत्नी अगरिया ने खुशी जाहिर करते हुए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मजदूरी कर जीवन चलाने वाली महिला के लिए पक्का मकान बनाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के कारण आज उनके सिर पर सुरक्षित छत है।
