इंडियन नर्सिंग काउंसिल नई दिल्ली के मुताबिक 1 अगस्त से नर्सिंग काउंसलिंग प्रारंभ हो जानी चाहिए।
व्यापम ने नर्सिंग रिजल्ट समय अनुसार घोषित कर दिया था परंतु छत्तीसगढ़ नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल की लेट लतीफी की वजह से नर्सिंग संस्थाओं को सत्र 26-27 के लिए मान्यता अभी तक नहीं दी गई है, वजह साफ है ,निरीक्षण ही नहीं हुआ है।
इससे एक कदम आगे है आयुष विश्वविद्यालय जिन्होंने निरीक्षण तो कर लिया है लेकिन सम्बद्धता जारी नहीं की है ।
इंडियन नर्सिंग काउंसिल के आदेश के अनुसार 1 अक्टूबर से सत्र 26- 27 की पढ़ाई चालू हो जानी चाहिए, परंतु लेट लतीफी की वजह से काउंसलिंग सितंबर माह से चालू होगी ।
मात्र एक माह के अंदर नर्सिंग के सभी पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग होनी है। मान्यता देने की प्रक्रिया में
देरी से होने की वजह से छत्तीसगढ़ में नर्सिंग महाविद्यालय को हर वर्ष एडमिशन में दिक्कत आ रही है, और कालेजो को वित्तीय नुकसान भी हो रहा है ।
वर्ष 26 -27 के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने 12 नए शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय खोलने की घोषणा की है ,और अभी तक इसमें शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। नर्सिंग महाविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया है और बहुत से प्राइवेट कॉलेज के शिक्षक शासकीय नर्सिंग कॉलेज में नियुक्ति के लिए फॉर्म भरे हैं । कुछ नर्सिंग महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी हो सकती है ।
साफ है शासन अपनी गलती का ठीकरा नर्सिंग महाविद्यालय पर फोड़ने की पूरी तैयारी कर की है l

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