रायगढ़ :- छत्तीसगढ़ का व्यापारिक परिदृश्य अब एक नई करवट ले रहा है। राज्य की सीमाओं और पारंपरिक व्यापारिक तौर-तरीकों से आगे निकलकर, अब प्रदेश के कारोबारी वैश्विक मंच पर अपनी धाक जमाने के लिए पूरी तरह कमर कस चुके हैं। इसी महत्वाकांक्षी उड़ान को हकीकत में बदलने के लिए राजधानी रायपुर स्थित कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश कार्यालय में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बैठक संपन्न हुई। अवसर था आगामी 12 से 15 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली के भव्य ‘भारत मंडपम’ में आयोजित होने वाले “भारत व्यापार महोत्सव” की रणनीतिक तैयारी का। सरगुजा के जंगलों से लेकर बस्तर की वादियों तक, पूरे 26 जिलों के व्यापारिक नुमाइंदों ने इस महामंथन में शिरकत की। लेकिन इस पूरे आयोजन में जिस एक जिले ने अपने जोश, दूरदृष्टि और भारी संख्याबल से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा, वह रही औद्योगिक नगरी रायगढ़ की टीम।

रायगढ़ के व्यापारियों का नया तेवर और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की महात्वाकांक्षा..

कैट के नेशनल वाइस चेयरमैन और राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य श्री अमर पारवानी की अध्यक्षता में जब प्रदेश के व्यापारिक दिग्गजों की यह महफिल सजी, तो रायगढ़ जिले की टीम ने अपने इरादे साफ कर दिए। रायगढ़ की विशेष उपस्थिति और उनके प्रतिनिधियों का उत्साह यह बताने के लिए काफी था कि यह जिला अब केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और वैश्विक खरीदारों की कतार में सबसे आगे खड़ा होना चाहता है। रायगढ़ के प्रमुख पदाधिकारियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ यह संकल्प लिया कि इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के महोत्सव में उनके जिले से बिजनेस डेलीगेट्स की रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी होगी। उनका स्पष्ट लक्ष्य रायगढ़ के स्थानीय उत्पादों, स्टार्टअप्स और हस्तशिल्प को सीधे विदेशी बाजार और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ जोड़ना है।

भारत मंडपम में सजेगा आर्थिक महाशक्ति का सबसे बड़ा दरबार..

इस महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए श्री अमर पारवानी ने व्यापार जगत की नब्ज पर हाथ रखते हुए कहा कि आगामी “भारत व्यापार महोत्सव” को केवल एक साधारण ट्रेड फेयर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। यह आयोजन दरअसल भारत की उभरती आर्थिक शक्ति, स्वदेशी उद्यमिता और वैश्विक व्यापार का एक ऐसा महासंगम है, जो इतिहास रचने जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में कई देशों के राजदूत, अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, विदेशी खरीदार, निवेशक, दिग्गज उद्योगपति और ई-कॉमर्स की दुनिया के महारथी एक ही छत के नीचे मौजूद रहेंगे। यह छत्तीसगढ़ के व्यापारियों, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) और युवा उद्यमियों के लिए वह जादुई द्वार साबित होगा, जहां से उनके उत्पाद सीधे विदेशी बाजारों तक पहुंचेंगे और निर्यात की असीम संभावनाएं जन्म लेंगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीक से बदलेगी व्यापार की तकदीर..

आज के इस कटु प्रतिस्पर्धी और डिजिटल युग में जो तकनीक के साथ नहीं चलता, वह बहुत पीछे छूट जाता है। इसी बात को रेखांकित करते हुए श्री पारवानी ने जोर देकर कहा कि इस महोत्सव में शिरकत करने वाले कारोबारियों को विश्वस्तरीय बिजनेस नेटवर्किंग, बी-2-बी (B2B) मीटिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ऑटोमेशन और डिजिटल कॉमर्स के वो गुर सीखने को मिलेंगे, जो उनके व्यापार को रातों-रात नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। आधुनिक मशीनरी, फ्रेंचाइजी मॉडल, ब्रांडिंग और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसी नवीनतम जानकारियों का यह खजाना प्रदेश के व्यापारियों के लिए एक वरदान साबित होगा। कैट छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष श्री परमानंद जैन ने भी इस बात पर मुहर लगाई कि यह महोत्सव महिला उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और स्थानीय उत्पादों को एक ऐसी राष्ट्रीय पहचान दिलाएगा, जिसकी उन्हें लंबे समय से दरकार थी।

जन-जागरण का शंखनाद और दिग्गज पदाधिकारियों का भारी जमावड़ा..

प्रदेश महामंत्री श्री अवनीत सिंह ने इस बात का ऐलान किया कि बैठक में शामिल रायगढ़ समेत सभी 26 जिलों के अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बिजनेस डेलीगेट पंजीयन का जो संकल्प लिया है, उसे एक महाभियान का रूप दिया जाएगा। अब हर जिले, हर बाजार और हर औद्योगिक संघ तक कैट की टीम पहुंचेगी और सघन जन-जागरण अभियान चलाकर युवा उद्यमियों को इस महोत्सव का हिस्सा बनाएगी। इस पूरी रणनीतिक रूपरेखा को तैयार करने में कैट के राष्ट्रीय और प्रांतीय दिग्गजों की लंबी फेहरिस्त मौजूद रही।

इस ऐतिहासिक बैठक में मुख्य रूप से अमर पारवानी, विक्रम सिंह देव, जितेन्द्र दोशी, परमानंद जैन, अवनीत सिंह, सुरेंदर सिंह, जीवत बजाज, वाशु मखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी, शंकर बजाज, विजय पटेल और राजेन्द्र जग्गी जैसे शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ हाजीवली मोहम्मद, मो.अली हीरानी, कन्हैया गुप्ता, दीपक विधानी, मुकेश मोटवानी, रतनदीप सिंह, मधु अरोरा, पिंकी अग्रवाल, नवीन शर्मा, हीरानंद जयसिंह, राजू डागा, प्रकाश सांखला, शैलेंद्र सिंह, संजय अग्रवाल, कन्हैया हरिरामानी, महेश जेठानी, महेश जसूजा, रघुनाथ पोद्दार, जयनारायण अग्रवाल, सुरेश रतनानी, संतोष अग्रवाल, दीप शर्मा, जीतेन्द्र चंद्राकर, डा. प्रदीपा, राकेश शर्मा, जीतेन्द्र जोशी, राकेश अग्रवाल, बलराम रोहरा, आशीष अग्रवाल, परमजीत उबेजा, एम पार्थ, रवि केवलतानी, रफीक मेमन, रमेश वीरानी, संजू पंजवानी, राजा खूबचंदानी, राहुल तेजवानी, रवि मोटवानी, प्रमोद गुप्ता, सत्या राम साहू, ज्ञानचंद जैन, दिनेश सिंघल, रामकुमार गुप्ता, सुरेंद्र कपूर, उमेश सिंह, सागर मेघानी, राहुल चंद्राकर, कैलाश सोनी और देवी दास अग्रवाल जैसे जुझारू पदाधिकारियों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। इन सभी दिग्गजों और विशेष रूप से रायगढ़ टीम के बुलंद हौसलों ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ का व्यापार अब रुकने वाला नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *