राज्य शासन की मंशानुरूप आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा सुनिश्चित
कलेक्टर ने व्यापक प्रचार-प्रसार, समयबद्ध निराकरण एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के दिए निर्देश
रायगढ़, 2 मार्च 2026/ राज्य शासन की मंशानुरूप आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा 6 मार्च 2026 से जिले के विभिन्न तहसील मुख्यालयों में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। “प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार” की अवधारणा के तहत आयोजित इन शिविरों में नागरिक अपनी मांग, शिकायत, आवेदन एवं आवश्यकताओं से संबंधित प्रकरण सीधे जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला स्तरीय अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों एवं सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि अधिकतम प्रकरणों का निराकरण शिविर स्थल पर ही सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि शिविर की जानकारी संबंधित तहसील के प्रत्येक ग्राम तक अनिवार्य रूप से पहुंचाई जाए। इसके लिए कोटवारों के माध्यम से मुनादी कर तिथि, स्थान एवं प्रक्रिया की सूचना दी जाएगी। साथ ही ग्राम पंचायत एवं जनपद पंचायत स्तर पर आवेदन संकलन, पंजीयन एवं संबंधित विभागों को समयबद्ध प्रेषण की सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि सभी विभाग अपने-अपने स्टॉल शिविर स्थल पर सुव्यवस्थित रूप से स्थापित करें, ताकि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन को एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके।
जिले में शिविरों का आयोजन विकासखण्ड धरमजयगढ़ के तहसील मुख्यालय प्रांगण कापू में 6 मार्च को प्रारंभ होगा। इसके बाद 12 मार्च को मुकडेगा (लैलूंगा), 13 मार्च को तमनार, 19 मार्च को पुसौर, 20 मार्च को छाल (धरमजयगढ़), 27 मार्च को लैलूंगा, 2 अप्रैल को घरघोड़ा और 4 अप्रैल को खरसिया तहसील मुख्यालय में शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक शिविर में संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की गई है।
शिविर में प्राप्त आवेदनों को मांग एवं शिकायत श्रेणी में वर्गीकृत कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। जिन प्रकरणों का निराकरण शिविर दिवस पर संभव होगा, उसकी जानकारी तत्काल आवेदक को दी जाएगी तथा शेष प्रकरणों के लिए निश्चित समय-सीमा निर्धारित कर सूचित किया जाएगा। शिविर में प्राप्त आवेदनों की श्रेणीवार निराकरण रिपोर्ट शिविर तिथि से एक सप्ताह के भीतर संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा संपूर्ण प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी।
