रायगढ़ |
रायगढ़। महिला किसानों की आय वृद्धि, उद्यमिता विकास और सिंचाई सुदृढ़ीकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से एचडीएफसी बैंक परिवर्तन (CSR) के सहयोग से प्रदान संस्था द्वारा एक महत्वाकांक्षी केन्द्रित विकास परियोजना (FDP) का शुभारंभ होटल आउटर स्थित शंकुतलम मैरिज हॉल में किया गया। “समुदाय जलवायु के अनुकूल आजीविका से स्थायी आय बढ़ाने का कार्यक्रम ” नामक यह तीन वर्षीय परियोजना (अक्टूबर 2025–दिसंबर 2028) रायगढ़ और लैलूंगा ब्लॉकों के 32 गांवों में क्रियान्वित की जाएगी, जिसके तहत 2,500 महिला किसानों की आय बढ़ाने और गांवों को जलवायु-सहिष्णु बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
रायगढ़ जिले के आदिवासी और वन-सीमावर्ती क्षेत्रों में अनियमित वर्षा, बढ़ते तापमान और बार-बार पड़ने वाले सूखे के कारण कृषि पर गंभीर असर पड़ा है। अधिकांश खेती वर्षा पर निर्भर और एकल फसल आधारित होने से उत्पादन कम और आय अस्थिर रहती है। इसी पृष्ठभूमि में यह परियोजना महिलाओं को केंद्र में रखकर टिकाऊ कृषि और आजीविका समाधान प्रस्तुत करता है।
कार्यक्रम के तहत 500 एकड़ असिंचित भूमि को कुओं, आजीविका तालाबों और सोलर लिफ्ट सिंचाई प्रणालियों के माध्यम से सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। 250 एकड़ क्षेत्र में रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा दिया जाएगा तथा 1,000 महिला किसानों को पुनर्योजी कृषि पद्धतियों से जोड़ते हुए स्थानीय बाजारों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही दाल प्रोसेसिंग यूनिट, तेल मिल, पॉली हाउस, कस्टम हायरिंग सेंटर, मिनी राइस मिल, मशरूम ड्रायर, सोलर ड्रायर और बीआरसी जैसी इकाइयों की स्थापना कर कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 38 महिला-नेतृत्व वाले सामूहिक उद्यम विकसित किए जाएंगे।
समुदाय की सक्रिय भागीदारी इस कार्यक्रम की विशेषता है। ग्राम पंचायतों, महिला संगठनों, स्थानीय विभागों और गैर-सरकारी संस्थाओं के सहयोग से प्रशिक्षण, आजीविका संसाधनों की उपलब्धता और बाजार से जुड़ाव सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि हो सके।
इस उद्घाटन समारोह में, डॉ. बी. एस. राजपूत – सीनियर साइंटिस्ट एवं हेड (केवीके, रायगढ़), IGKV विश्वविद्यालय , रायगढ़ से डीन डॉ. ए. के. सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष-श्रीमती सुजाता चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खेलको, सभापति कृषि, रायगढ़ जानपद से शिवकुमारी साहू, जनपद पंचायत से डीईओ/बीपि एम श्रीमती रौशनी दूबे, डी डी सि-राजू बेहरा,फूलमती धनवान, रूपा सिदार,सुखलाल चौहान, पूसपन नंदलाल पटेल ,नंदिनी प्रितश पटेल जी,उद्यानिकी बिभाग से श्री लेखराम पटेल, पशु विभाग से डॉ. सोहम गुझर जी, महिला बालविकास विभाग रायगढ़ से आर. एल. चौहान जी, श्रीमती कमला पटेल रायगढ़ ब्लोक स्तरीय संगठन अध्यक्ष , दुबी श्याम और – महिला एवं बाल विकास से, प्रदान संस्था से श्री मसरूर अहमद, श्री कुंतल मुख़र्जी (स्टेट इन्तेग्रटर) छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस लीड श्रीमती हर्षा वशिष्ट, टीम कोऑर्डिनेटर श्री सत्यनारायण बेहेरा और अन्य प्रदान के अधिकारी सामिल रहे , श्री संजय कुमार पंडा, श्री रहमान अंसारी, एचडीएफसी बैंक परिवर्तन से श्री मनोज गुप्ता (क्लस्टर हेड रायपुर, श्री राजेश महतो-ब्रांच हेड HDFC BANK रायगढ़, श्रीमती रुपाली गोस्वामी रीजनल CSR हेड, श्री प्रशांत बर्मा-सीनियर मेनेजर HDFC BANK परिवर्तन CSR और बिभिन्न पंचायत के पंचा , सरपंच एबं उपसरपंच प्रतिनिधिगण, महिला संगठन के प्रतिनिधि एवं 600 से अधिक महिला किसान उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एचडीएफसी बैंक परिवर्तन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, महिलाओं के सामूहिक संगठनों को सशक्त बनाने और समुदाय-आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस कदम है। वहीं प्रदान संस्था ने बताया कि यह परियोजना सिंचाई की पहुँच बढ़ाकर, खेती की लागत घटाकर और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को मजबूत करते हुए ग्रामीण विकास को नई गति देगी
यह केन्द्रित विकास परियोजना खाद्य एवं आय सुरक्षा को सुदृढ़ करने, महिलाओं के नेतृत्व को मजबूत करने और एक टिकाऊ, समावेशी व समुदाय-स्वामित्व वाला कृषि मॉडल विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इससे रायगढ़ को छत्तीसगढ़ में जलवायु-सहिष्णु और उद्यम-आधारित ग्रामीण विकास के एक उदाहरण के रूप में स्थापित होने की उम्मीद है।
इस कार्यक्रम के दौरान महिला संगठनों की सदस्यों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए कि किस प्रकार एचडीएफसी बैंक परिवर्तन-CSR, बिहान योजना, जनपद पंचायत एवं प्रदान संस्था के सहयोग से उनकी पहचान, बच्चों का भविष्य, महिलाओं का सम्मान और परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।
इस अवसर पर महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी खुशी एवं उत्साह का भी प्रदर्शन किया। सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने एकमत होकर इस परियोजना को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग एवं सहभागिता का संकल्प लिया।
यह फोकस्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम न केवल खाद्य एवं आय सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि रायगढ़ को छत्तीसगढ़ में जलवायु-सहिष्णु और महिला-नेतृत्व आधारित ग्रामीण विकास के एक प्रेरक मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
