ऑनलाइन टोकन व्यवस्था बनी किसानों के लिए वरदान, धान विक्रय हुआ सरल, सुगम और पारदर्शी

रायगढ़, 16 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में धान खरीदी की एक सरल, पारदर्शी और संवेदनशील व्यवस्था विकसित की गई है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि अन्नदाता को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो और उसे समय पर उचित मूल्य प्राप्त हो। इसी सोच के अनुरूप जिले में शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित ढंग से लगातार जारी है।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केंद्रों में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन टोकन व्यवस्था लागू की गई है, जिससे किसानों को न केवल समय पर टोकन मिल रहा है, बल्कि धान विक्रय की प्रक्रिया भी अत्यंत सहज हो गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान-हितैषी सोच के तहत प्रदेश में ‘तूहर टोकन’ मोबाइल ऐप को 24×7 सक्रिय कर दिया गया है। अब किसान दिन-रात किसी भी समय अपनी सुविधा के अनुसार टोकन बुक कर सकते हैं। साथ ही किसान 13 जनवरी तक अगले 20 दिनों के लिए अग्रिम टोकन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे भीड़, तकनीकी दबाव और असुविधा जैसी समस्याओं से राहत मिल रही है।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के ग्राम नवापाली के किसान श्री ज्ञानसागर जेना ने ऑनलाइन टोकन व्यवस्था का लाभ उठाते हुए उपार्जन केंद्र में 117 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन मिलने से उन्हें समय पर उपार्जन केंद्र बुलाया गया और पूरी प्रक्रिया बेहद आसान एवं व्यवस्थित रही। ज्ञानसागर जेना ने कहा कि धान विक्रय के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उपार्जन केंद्र में छाया, पेयजल, बैठने और सुचारू तौल जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध थीं। किसान श्री ज्ञानसागर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन द्वारा किसानों के हित में की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
रायगढ़ जिले में वर्तमान में सभी 105 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार सभी केंद्रों में किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। शासन की मंशा के अनुरूप लघु एवं सीमांत किसानों से प्राथमिकता के आधार पर धान खरीदी की जा रही है, वहीं बड़े किसानों से समिति में उपलब्ध निर्धारित सीमा के अनुसार धान उपार्जन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सभी समिति प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी के दौरान किसानों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, अनुशासन और विश्वास के साथ संपन्न हो।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान-हितैषी नीति का परिणाम है कि आज प्रदेश का किसान स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस कर रहा है। प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल किसानों की आय को सुरक्षित कर रही है, बल्कि ‘किसान खुशहाल, छत्तीसगढ़ समृद्ध’ के संकल्प को भी साकार कर रही है।

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