रायगढ़, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह के मंच पर कोरबा की मात्र 12 वर्षीय कथक नृत्यांगना ईशिता कश्यप ने अपनी सधी हुई प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

पं. मोरध्वज वैष्णव से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही ईशिता ने 4 वर्ष की आयु से नृत्य साधना शुरू की और कम उम्र में ही राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना ली है। समारोह में उन्होंने शिव वंदना एवं रायगढ़ घराने के बोलों पर आधारित विशेष बंदिश तराना और 150 चक्कर की अद्भुत प्रस्तुति दी। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।

सम्मान और उपलब्धियाँ

ईशिता कश्यप को अब तक प्रणवम् प्रतिभा सम्मान (2022), कला संस्कृति सम्मान (2023), स्वरिता प्राइड स्टार अवार्ड (2025), राष्ट्रीय विभुति सम्मान (2025) और इंडिया स्टार पैशन अवार्ड (2025) से नवाजा जा चुका है। हाल ही में वे संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की प्रतिभावान बच्चों के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्कॉलरशिप 2024 की जूनियर वर्ग कथक नृत्य के लिए चयनित हुई हैं।

देश और विदेश में प्रस्तुति

ईशिता ने पुणे, आगरा, कोलकाता, जयपुर सहित देशभर के मंचों पर अपनी कला का जादू बिखेरा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने दुबई और मलेशिया में भी कथक की प्रस्तुति दी है। अब तक वे लगभग 40 राष्ट्रीय मंचों पर अपनी नृत्य प्रतिभा दिखा चुकी हैं।

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