रायगढ़। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर देशभर में आयोजित विरोध कार्यक्रम के तहत गुरुवार को रायगढ़ में जिला कांग्रेस कमेटी ने ‘काला दिवस’ मनाया। जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था।
शाम करीब 4 बजे आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता काली पट्टी बांधकर और काले वस्त्रों में गांधी प्रतिमा के सामने एकत्र हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार और निर्वाचन व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ के अध्यक्ष द्वय नगेंद्र नेगी एवं शाखा यादव के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नेता, युवा कार्यकर्ता, ब्लॉक एवं मंडल स्तर के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और जनता के मताधिकार की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने इन मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करने की बात कही। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने हालिया दिल्ली घटनाक्रम और निर्वाचन आयोग से जुड़े विवादों के बीच देशभर में विरोध कार्यक्रम का आह्वान किया था।
रायगढ़ मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक दिखा विरोध
काला दिवस का असर केवल रायगढ़ शहर तक सीमित नहीं रहा। रायगढ़ मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न ब्लॉकों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए। कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आवाज उठाई।
गांधी प्रतिमा के समक्ष हुए प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के मत की विश्वसनीयता सर्वोच्च है और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठने वाले हर सवाल का पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए।
कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन के जरिए रायगढ़ में पार्टी ने लोकतंत्र, संविधान और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर अपना राजनीतिक विरोध दर्ज कराया।
