स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में स्वशासी समिति की बैठक संपन्न

बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

पूर्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा, स्वास्थ्य अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए बहुआयामी पहल

रायगढ़, 3 मई 2026/ स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रायगढ़ में आज छत्तीसगढ़ आरोग्य चिकित्सा शिक्षण एवं अनुसंधान समिति की साधारण सभा (स्वशासी समिति) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। बैठक में वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री दीपक महस्के, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री रितेश अग्रवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार, संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. दुर्गा शंकर पटेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत सहित चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वप्रथम पूर्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की विस्तार से समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावीन एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं के विस्तार, गुणवत्ता सुधार और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। मरीजों को उन्नत एवं त्वरित जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रंगीन डॉप्लर, स्तन जांच मशीन (मेमोग्राफी), जोड़ दूरबीन जांच (आर्थ्राेस्कोपी), प्रतिरक्षा ऊतक रसायन जांच, हार्मोन जांच तथा एमआरआई मशीन की खरीदी को स्वीकृति प्रदान की गई। इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को उच्च स्तरीय जांच सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
बैठक में अस्पताल परिसर में जनऔषधि केंद्र के साथ अमृत औषधि केंद्र प्रारंभ करने तथा मरीजों एवं परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चौबीसों घंटे कैंटीन संचालन की स्वीकृति दी गई। साथ ही शहर से मेडिकल कॉलेज तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए सिटी बस सेवा प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को सुविधा मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता एवं गुणवत्ता बनाए रखने के लिए चिकित्सा उपकरणों के वार्षिक रखरखाव अनुबंध एवं समग्र रखरखाव अनुबंध को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही चिकित्सालय में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वार्ड बॉय, स्टाफ नर्स सहित विभिन्न पदों पर भर्ती के संबंध में भी निर्णय लिए गए। आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ऑक्सीजन सिलेंडर एवं अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की गई। बाल्य एवं शिशु रोग विभाग के गहन चिकित्सा कक्ष में बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने एवं उसे निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे गंभीर रूप से बीमार बच्चों को बेहतर उपचार मिल सके। मेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त अध्ययन कक्ष तथा खेल मैदान विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे उन्हें अध्ययन के साथ-साथ समग्र विकास के अवसर प्राप्त हो सकें।
बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता स्वर्गीय डॉ. विनित जैन के उल्लेखनीय योगदान को स्मरण करते हुए अस्थिरोग विभाग का नामकरण उनके नाम पर करने तथा उनकी प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों से चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और पहुंच में व्यापक सुधार होने की अपेक्षा व्यक्त की गई। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करते हुए आमजन को शीघ्र लाभान्वित किया जाए।

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