रायगढ़ सहित जिलेभर में 29 खंडपीठों में हुई सुनवाई, बड़ी संख्या में मामलों का हुआ समाधान
रायगढ़, 14 मार्च 2026/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार आज रायगढ़ जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री जितेन्द्र कुमार जैन ने न्यायालयीन सभागार में माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। लोक अदालत के सफल संचालन के लिए जिला मुख्यालय रायगढ़ के साथ-साथ तहसील न्यायालय सारंगढ़, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, खरसिया, भटगांव और बिलाईगढ़ में भी खंडपीठों का गठन किया गया। इसके अतिरिक्त परिवार न्यायालय, श्रम न्यायालय तथा किशोर न्याय बोर्ड को मिलाकर कुल 29 खंडपीठों का गठन किया गया। रायगढ़ एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ के राजस्व न्यायालयों में भी खंडपीठों का गठन कर मामलों के निराकरण की प्रक्रिया संचालित की गई।
नेशनल लोक अदालत में लगभग 7867 लंबित प्रकरण तथा करीब 7 लाख प्रीलिटिगेशन प्रकरण राजीनामा के आधार पर निराकरण के लिए प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 6806 लंबित प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। जिला एवं तहसील न्यायालयों में विभिन्न प्रकार के राजीनामा योग्य प्रकरणों को सुनवाई के लिए रखा गया। इनमें मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक वसूली प्रकरण, आपराधिक मामले, विद्युत प्रकरण, श्रम विवाद, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण के मामले, सिविल प्रकरण, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 से संबंधित मामले तथा यातायात उल्लंघन के प्रकरण शामिल थे। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में मामलों के समाधान से पक्षकारों को त्वरित न्याय मिला और न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई।
नेशनल लोक अदालत के दौरान अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जिला न्यायालय रायगढ़ में कार्यरत महिला कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान एवं कार्यनिष्ठा के लिए प्रशस्ति पत्र, स्मारक चिन्ह एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान महिलाओं की कार्यक्षमता, समर्पण और समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की गई। कार्यक्रम में जिला न्यायालय रायगढ़ के न्यायाधीशगण, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला अधिवक्ता संघ रायगढ़ के अध्यक्ष एवं अन्य अधिवक्तागण, बैंक, विद्युत तथा अन्य विभागों के अधिकारी, राजीनामा के लिए उपस्थित पक्षकार, न्यायालयीन कर्मचारी, विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी तथा पैरालीगल वालंटियर्स उपस्थित रहे।
