सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व आक्साइज मंत्री कवासी लखमा को शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में अंतरिम जमानत दे दी है। लखमा को 15 जनवरी, 2025 को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था, और बाद में 2 अप्रैल, 2025 को राज्य पुलिस की एसीबी/ईओडब्ल्यू ने एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था ।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने लखमा को जमानत देते हुए कई शर्तें रखी हैं, जिनमें से एक यह है कि उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा और अदालत की सुनवाई में भाग लेने के लिए ही राज्य में प्रवेश करना होगा। इसके अलावा, उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा, गवाहों को प्रभावित नहीं करना होगा, और जांच एजेंसियों के साथ अपना मोबाइल नंबर और स्थान साझा करना होगा ।

लखमा के वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि उनके म खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और जांच में सहयोग करने के लिए वे तैयार हैं। दूसरी ओर, राज्य सरकार के वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि लखमा को शराब घोटाले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी ।

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