विश्लेषकों के अनुसार गेहूं की तेजी को रोकने के लिए सरकार को खुली बिक्री नीति के तहत गेहूं की बिक्री शुरू कर देना चाहिए, ताकि फ्लोर मिल वालों की आपूर्ति हो सके। स्टाक सीमा कम करना चाहिए। अगर ये कदम नहीं उठाए तो दीपावली बाद गेहूं 4000 रुपया क्विंटल तक बिक सकता है।बीते दिनों कृषि उपज मंडी में नीलामी के दौरान गेहूं के भाव 3601 रुपये क्विंटल तक पहुंच गए। यह सीजन से अब तक के रिकार्ड भाव बताए जा रहे हैं। सोयाबीन की आवक तो बढ़ गई, लेकिन भाव में तेजी नदारद है। इस साल गेहूं के भाव तेजी की ओर अग्रसर है।

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