कांकेर से लगभग पांच से छह किमी दूर ग्राम माटवाड़ा लाल में घर पर जहरीला सांप घुस आया, जिसे एक वफादार पालतू डाग डेजी ने भगा दिया।कांकेर। जिला मुख्यालय सहित आसपास गांवों में खतरनाक जीव जंतुओं का खौफ सबसे ज्यादा है। पिछले दो तीन सालों में आए दिन कुछ ना कुछ घटनाएं जिले में सुनने को मिलती है। हाथी, भालू, तेंदुआ व जहरीले सांप की घटनाएं होती रहती है। इसी तरह कांकेर से लगभग पांच से छह किमी दूर ग्राम माटवाड़ा लाल में घर पर जहरीला सांप घुस आया, जिसे एक वफादार पालतू डाग डेजी ने भगा दिया। डेजी कभी अपने मालिक की जान बचाने के लिए भालू से लड़ कर खदेड़ देता है तो कभी परिवार के रक्षा के लिए जहरीले सांप से भिड़ जाता है।
गौरतलब हो कि कुछ साल पहले नगर से सटे गांव माटवाड़ा लाल में एक परिवार के यहां पालतू जर्मन शेफर्ड डॉग डेज़ी ने भालू के साथ लड़ते हुए भालू को खदेड़ कर अपने मालिक की जान बचाई थी जो काफी सुर्खियों में रहा था। इस बार अपने मालिक के यहां सांप घुस जाने से पालतू डेजी सांप से भिड़ गया और सांप को पूरे तरीके से दम टूटने के बाद ही डेज़ी उस जगह से हटा।
पूरे गांव में सिर्फ फीमेल डॉग डेजी की बहादुरी की तारीफ हो रही है। मालिक रोशन साहू ने कहा कि अगर आज डेजी नहीं होती, तो उन्हें कुछ भी हो सकता था। उनकी जिंदगी बचाने वाली उनकी प्यारी फीमेल डॉग ही है. इससे पहले भालू से जान बचाई थी अब एक जहरीले सांप से भिड़ गया।
गौरतलब है कि नौ नवंबर को ग्राम माटवाड़ा लाल में रोशन साहू के घर में एक खतरनाक भालू घुस आया था। जिसे पालतु फीमेल डाग ने बहादुरी से लड़ते हुए घर से दूर भगा दिया था। वहीं दो साल बाद फिर उसी घर पर एक जहरीला सांप घुस आया। इस बाद भी फीमेल डागी ने बहादुरी का परिचय देते हुए सांप को मार डाला और अपने मालिक की जान बचाई।

