▶️ भाजपा की रैली से कांग्रेस में बेचैनी,अब बेबुनियाद आरोपों का लिया जा रहा सहारा: चूड़ामणि पटेल
सारंगढ़। भाजपा की लोकतंत्र बचाओ–अराजकता हटाओ रैली को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गोपाल बाघे द्वारा दिए गए बयान पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। जिला भाजपा सोशल मीडिया के प्रभारी चूड़ामणि पटेल का कहना है कि कांग्रेस नेता अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देखकर अनर्गल आरोपों और मनगढ़ंत बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को अपनी विचारधारा और मुद्दों को लेकर जनसभा एवं रैली आयोजित करने का अधिकार है। भाजपा ने भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात जनता के सामने रखी। लेकिन कांग्रेस को भाजपा का हर जनआंदोलन और संगठनात्मक कार्यक्रम खटकने लगा है।
श्री पटेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि रैली में भीड़ को लेकर कांग्रेस को इतनी ही चिंता है, तो उसे पहले अपने संगठन की जमीनी स्थिति और जनसमर्थन का आंकलन करना चाहिए। बिना किसी ठोस प्रमाण के सरपंचों एवं जनपद सदस्यों पर दबाव बनाकर लोगों को रैली में लाने जैसे आरोप लगाना उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि 10 हजार लोगों की भीड़ जुटाने के दावे को लेकर सवाल खड़े करना कांग्रेस की अपनी सोच हो सकती है, लेकिन किसी कार्यक्रम की सफलता का पैमाना केवल संख्या नहीं, बल्कि उसका उद्देश्य, कार्यकर्ताओं का उत्साह और जनता के बीच उठाए गए मुद्दे होते हैं।
चूड़ामणि पटेल ने यह भी कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र की चिंता करने से पहले अपने राजनीतिक आचरण और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर आत्ममंथन करना चाहिए। लोकतंत्र के नाम पर राजनीतिक बयानबाजी करने से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता।
भाजपा का स्पष्ट संदेश है कि आरोप लगाने से सच्चाई नहीं बदलती और न ही झूठे नैरेटिव से जनसमर्थन समाप्त होता है। कांग्रेस नेताओं को तथ्यहीन आरोपों की राजनीति छोड़कर जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा करनी चाहिए।

