रायगढ़ – – राइजिंग किड्स इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल एवं अभिमन डी.एड. कॉलेज, कुसमुरा में गरबा उत्सव का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ किया गया। उत्सव में विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ डी.एड. कॉलेज के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी सहभागिता से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
पारंपरिक वेशभूषा में सजे विद्यार्थियों और शिक्षकों ने गरबा एवं डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। संगीत की मधुर धुन, गरबा की थाप और रंग-बिरंगे परिधानों से पूरा परिसर उत्सवी रंग में सराबोर हो गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों के उत्साह, उमंग तथा सामूहिक सहभागिता ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
भारतीय संस्कृति और परंपराओं का दिया संदेश
गरबा उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ना, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा उनमें आपसी सहयोग, अनुशासन और एकता की भावना विकसित करना था। विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों की संयुक्त सहभागिता ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भारतीय संस्कृति हमारी पहचान और धरोहर है, जिसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत करते हैं। शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया और गुरु-शिष्य के बीच आपसी जुड़ाव को भी सशक्त बनाया।
गरबा उत्सव ने यह प्रेरणा दी कि आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहना भी उतना ही आवश्यक है। संस्कृति से जुड़ी युवा पीढ़ी ही अपनी विरासत को संजोते हुए उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकती है।
उत्सव का समापन “एकता में शक्ति, संस्कृति में पहचान और परंपराओं में संस्कार” के संदेश के साथ हुआ। इस आयोजन ने भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान, आपसी एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रेरणादायी संदेश दिया।

