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भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ 14 दिवसीय महाराजा श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव, प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

मुख्यातिथि पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने की रायगढ़ की जयंती एवं अग्रोहा धाम की भव्यता की सराहना

रायगढ़ 13 अक्टूबर : महाराजा श्री अग्रसेन जयंती रायगढ़ 2026 का 14 दिवसीय भव्य महोत्सव उत्साह, उमंग, सामाजिक एकता और यादगार उपलब्धियों के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष जयंती महोत्सव के अंतर्गत 70 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। शहर के आधा दर्जन से अधिक प्रमुख स्थानों पर आयोजित इन कार्यक्रमों में अग्र समाज के बच्चों, युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठजनों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। 14 दिनों तक ऐसा माहौल रहा, मानो पूरा अग्र समाज एक परिवार बनकर एक ही छत के नीचे एक-दूसरे की खुशियों और उपलब्धियों में सहभागी हो रहा हो।

11 अक्टूबर को महाराजा श्री अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती के अवसर पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में अग्रबंधुओं ने भाग लिया। वहीं, नटवर स्कूल मैदान में सर्व समाज के लिए आकर्षक फायर शो, स्टेज शो तथा भंडारा प्रसाद का आयोजन किया गया। इसके पश्चात 12 अक्टूबर की शाम निगम ऑडिटोरियम में जयंती महोत्सव का भव्य समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित हुआ। समारोह में बड़ी संख्या में समाजजन, प्रतियोगी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे। पूरे ऑडिटोरियम में उत्साह और उल्लास का वातावरण रहा तथा प्रतिभागियों को अपने परिश्रम और प्रतिभा के सम्मान का बेसब्री से इंतजार था।

महाराजा अग्रसेन की आरती एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ

समापन समारोह का शुभारंभ महाराजा श्री अग्रसेन जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण, आरती एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल उपस्थित रहे। उनके साथ कोरबा अग्रवाल महासभा के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान उद्योग संघ अध्यक्ष श्रीकांत बुधिया, आर.आर. एनर्जी के राजेंद्र अग्रवाल, राधेश्याम बंसल एवं प्रेमस्वरूप अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मंच पर श्री अग्रसेन सेवा संघ के अध्यक्ष बजरंग अग्रवाल लेंद्रा, सचिव संजय अग्रवाल (कार्ड), पूर्व अध्यक्ष मुकेश मित्तल, प्रदीप गर्ग, आयोजन समिति के संयोजक अनूप बंसल, रवि अग्रवाल (सीए), सचिन बंसल, संयोजिका आशा अग्रवाल (टाइटन), कविता बेरीवाल, शालू अग्रवाल एवं भाजपा नेता विकास केड़िया सहित अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्यजन मंचासीन रहे। सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।

समाज की चार अग्रप्रतिभाओं का हुआ विशेष सम्मान

पुरस्कार वितरण समारोह में सर्वप्रथम जयंती महोत्सव के दौरान महाराजा श्री अग्रसेन जी की भूमिका निभाने वाले अरविंद डालमिया (गब्बर) को सम्मानित किया गया। इसके पश्चात समाज की चार प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों, उपलब्धियों एवं समाज का नाम रोशन करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें मेडल पहनाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

सम्मानित प्रतिभाओं में कु. गुंजन मिरानिया ने वर्ष 2026 में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए एम्स रायपुर में प्रवेश प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 947 प्राप्त की। देशभर में इतनी अच्छी रैंक हासिल कर प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश पाना उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा का परिचायक है।

श्रीमती विनीता अग्रवाल को सामाजिक एवं सार्वजनिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वे जिला रायगढ़ के किशोर न्याय बोर्ड (बाल न्यायालय) की सदस्य, छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल महिला संगठन की रायगढ़ जिला अध्यक्ष तथा पिछले 10 वर्षों से लायंस क्लब रायगढ़ की सक्रिय सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

कु. राधिका गुप्ता ने सितंबर 2025 में महाराष्ट्र में आयोजित रोप स्किपिंग प्रतियोगिता के 10 वर्ष बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। इस प्रतियोगिता में 21 राज्यों की कुल 53 बालिकाओं ने भाग लिया था। वहीं, कु. अवनिका अग्रवाल ने महाराष्ट्र के अलीबाग में आयोजित ऑल इंडिया ओपन रोप स्किपिंग प्रतियोगिता के 12 वर्ष तक बालिका वर्ग में तीन अलग-अलग श्रेणियों में तीन रजत पदक जीतकर रायगढ़ का गौरव बढ़ाया। अवनिका प्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ. राहुल अग्रवाल की सुपुत्री हैं।

इन प्रतिभाओं का सम्मान समारोह का विशेष आकर्षण रहा। समाज की उपलब्धियों पर उपस्थित लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया।

प्रदीप गर्ग ने 14 दिवसीय आयोजन की उपलब्धियों और समाज के उत्साह को सराहा

समारोह में श्री अग्रसेन सेवा संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप गर्ग ने अपने उद्बोधन में 14 दिवसीय जयंती महोत्सव के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं और सामाजिक गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन को सफल बनाना सामूहिक प्रयास, समर्पण और अनुशासन का परिणाम है। जयंती के प्रत्येक कार्यक्रम में समाज के लोगों ने जिस उत्साह से भाग लिया, वह प्रशंसनीय है। बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों तक सभी की सक्रिय भागीदारी ने महोत्सव को विशेष बना दिया। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों, प्रभारियों, सदस्यों एवं सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी के अथक परिश्रम से जयंती ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं।

महाराजा अग्रसेन के आदर्शों और प्रतिमा स्थापना में जयसिंह अग्रवाल के योगदान को किया याद

श्री अग्रसेन सेवा संघ के पूर्व अध्यक्ष मुकेश मित्तल ने अपने उद्बोधन में महाराजा श्री अग्रसेन जी के जीवन, उनके आदर्शों, समानता, सेवा, सहयोग और समाज के प्रति समर्पण की भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के सिद्धांत आज भी समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। रायगढ़ की अग्रसेन जयंती सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां हर वर्ग के लोग मिलकर इस महोत्सव को यादगार बनाते हैं।

उन्होंने रामनिवास टॉकीज चौक पर स्थापित महाराजा श्री अग्रसेन जी की प्रतिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिमा की स्थापना में तत्कालीन मंत्री एवं वर्तमान समारोह के मुख्य अतिथि श्री जयसिंह अग्रवाल का सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके सहयोग और प्रयासों से ही प्रतिमा स्थापना की अनुमति प्राप्त हो सकी। इसके लिए उन्होंने समाज की ओर से श्री जयसिंह अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया।

20 वर्षों से जयंती से जुड़ा हूं, लेकिन संयोजक के रूप में यह अनुभव अलग : अनूप बंसल

जयंती महोत्सव के संयोजक अनूप बंसल का उद्बोधन समारोह के प्रमुख आकर्षणों में रहा। उन्होंने सहज भाव से कहा कि उन्हें मंच पर बोलना बहुत अच्छा नहीं आता, लेकिन इस बार 14 दिवसीय जयंती महोत्सव में संयोजक के रूप में जुड़ने का अनुभव उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक रहा है।

उन्होंने कहा कि वे पिछले लगभग 20 वर्षों से रायगढ़ की अग्रसेन जयंती से जुड़े हुए हैं। पहले वे एक खिलाड़ी और प्रतियोगी के रूप में जयंती में हिस्सा लेते थे, लेकिन इस बार संयोजक के रूप में पूरे आयोजन की जिम्मेदारी निभाना उनके लिए बिल्कुल अलग अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की अग्रसेन जयंती का उत्साह अद्भुत है। उन्हें लगता है कि पूरे देश में रायगढ़ की जयंती अपनी भव्यता, सहभागिता और सामाजिक एकता के कारण विशेष पहचान रखती है।

अनूप बंसल ने कहा कि सुबह से लेकर देर रात तक कार्यक्रमों में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और समाज के वरिष्ठजनों की उपस्थिति यह बताती है कि जयंती केवल आयोजनों का सिलसिला नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक महापर्व है। 11 अक्टूबर की भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब देखकर उनका हृदय गदगद हो गया। उन्होंने आयोजन से जुड़ी अपनी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें जो टीम मिली, उसने तन-मन-धन से कार्य किया। चाहे मंच के सामने रहकर जिम्मेदारी निभानी हो या पर्दे के पीछे रहकर व्यवस्थाएं संभालनी हों, प्रत्येक सदस्य ने पूरी निष्ठा से अपना दायित्व निभाया। उन्होंने कहा कि इसी टीमवर्क, आपसी सहयोग और समर्पण के कारण इतना बड़ा आयोजन सफल हो पाया।

सहयोग और स्वतंत्रता के कारण हर कार्यक्रम को मनचाहा स्वरूप देना हुआ संभव : आशा टाइटन

जयंती आयोजन समिति की संयोजिका आशा अग्रवाल (टाइटन) ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूरी आयोजन समिति के साथ कार्य करना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन या इवेंट को सफल बनाने के लिए सबसे पहले आर्थिक संसाधनों और व्यवस्थाओं की चिंता होती है। लेकिन इस बार आयोजन समिति के संयोजकों का भरपूर सहयोग मिला और किसी भी कार्य में उन्हें विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार के कार्यक्रम की परिकल्पना की गई थी, उसे उसी स्वरूप में साकार करने के लिए पूरा सहयोग मिला। सभी को अपनी जिम्मेदारी निभाने की स्वतंत्रता और आवश्यक संसाधन उपलब्ध हुए। यही कारण रहा कि इतने बड़े आयोजन में भी विभिन्न कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुए। उन्होंने आयोजन समिति के सभी संयोजकों, सदस्यों, प्रभारियों एवं सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग और सकारात्मक सोच किसी भी बड़े आयोजन को सफल बनाने की सबसे बड़ी ताकत है।

रायगढ़ की जयंती पूरे देश में प्रसिद्ध, यहाँ का अग्रोहा धाम सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण: जयसिंह अग्रवाल

मुख्य अतिथि एवं छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में रायगढ़ की अग्रसेन जयंती के भव्य आयोजन की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की अग्रसेन जयंती केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखती है। रायपुर के बाद रायगढ़ में बड़ी संख्या में अग्रबंधु निवास करते हैं और यहां समाज की एकजुटता एवं सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

उन्होंने रायगढ़ में निर्मित अग्रोहा धाम की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे स्वयं इसके शुभारंभ एवं मुहूर्त के अवसर पर रायगढ़ आए थे। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्था द्वारा निर्मित ऐसा भव्य भवन अपने आप में विशेष उदाहरण है। रायगढ़ के अग्रोहा धाम से प्रेरणा लेकर प्रदेश के अन्य स्थानों, जिनमें सरायपाली सहित कई क्षेत्र शामिल हैं, में भी ऐसे भवनों के निर्माण की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि कोरबा में भी अग्रोहा धाम के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है और वहां भी जल्द ही कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।

श्री अग्रवाल ने कहा कि वे अग्र समाज के साथ हमेशा खड़े रहे हैं और भविष्य में भी समाज के हित एवं विकास के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार हैं। उन्होंने महाराजा श्री अग्रसेन जयंती की सभी को शुभकामनाएं देते हुए आयोजन समिति और समाज के लोगों को इतने भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।

प्रतियोगियों, प्रभारियों और अग्र आरती की टीमों का स्मृति चिह्न देकर सम्मान

14 दिवसीय जयंती महोत्सव के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतियोगियों, कार्यक्रम प्रभारियों एवं अग्र आरती के प्रभारियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान प्रतिभागियों और उनके अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंच से एक-एक कर पुरस्कार प्रदान किए गए और पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई देती रही।

जयंती के विभिन्न आयोजनों में भाग लेने वाले बच्चों एवं युवाओं के लिए यह क्षण विशेष महत्व का रहा। प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को मंच मिला, वहीं सम्मान समारोह ने उनके परिश्रम और उपलब्धियों को पहचान प्रदान की। आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों, प्रभारियों और सहयोगियों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

हजारों पुरस्कारों के वितरण में युवाओं की टीम ने संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को सफल बनाने में समाज के युवाओं की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हजारों पुरस्कारों को व्यवस्थित ढंग से मंच तक पहुंचाने, प्रतिभागियों के क्रम को संभालने तथा पुरस्कार वितरण की पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने में युवाओं ने उल्लेखनीय योगदान दिया। बड़ी संख्या में प्रतियोगियों और उनके अभिभावकों की मौजूदगी के बावजूद टीम ने पूरे समन्वय के साथ व्यवस्थाएं संभालीं।

इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में राजेश बेरीवाल, संजय अग्रवाल (पत्थलगांव), अशोक अग्रवाल (ब्लूचिप), मनीष पालीवाल, सुरेश मित्तल, मुकेश अग्रवाल (पूर्णिमा),पुरषोत्तम अग्रवाल (साबुन), मुकेश केड़िया, पंकज अग्रवाल, मनीष अग्रवाल (दवाई), कमलेश रतेरिया, दीपक अग्रवाल (जामगांव), आनंद मोदी, विमल अग्रवाल (रक्तवीर),जय प्रकाश गोयल,राहुल महमिया, वेदांश बेरीवाल, अमन अग्रवाल (आर.टी.ओ.), सुमित गोयल, अधीश रतेरिया एवं आशीष अग्रवाल (डोरा) सहित अन्य युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन समिति के सदस्यों ने भी पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह की व्यवस्थाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

संजय अग्रवाल (कार्ड) ने किया सफल मंच संचालन

पूरे समारोह का प्रभावी एवं व्यवस्थित मंच संचालन श्री अग्रसेन सेवा संघ के सचिव संजय अग्रवाल (कार्ड) ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को सुंदर ढंग से आगे बढ़ाते हुए अतिथियों, पदाधिकारियों एवं प्रतिभागियों को मंच से जोड़ा। समारोह के अंत में आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी समाजजनों, पदाधिकारियों, संयोजकों, संयोजिकाओं, प्रभारियों, सदस्यों एवं युवाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

14 दिनों तक चले इस महोत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जब समाज एक परिवार की भावना के साथ आगे बढ़ता है, तो कोई भी आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक यादगार सामाजिक उत्सव बन जाता है। महाराजा श्री अग्रसेन जी के आदर्शों से प्रेरित यह जयंती महोत्सव सामाजिक एकता, प्रतिभा सम्मान, सहयोग और सामूहिक समर्पण की अविस्मरणीय मिसाल बनकर संपन्न हुआ।

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