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नर्सिंग काउंसलिंग में होगी देरी,इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने 31अक्टूबर 2026 आखिरी तारीख तय की है एडमिशन लेने की।

छत्तीसगढ़ राज्य में चार विभागों के बीच की लड़ाई की वजह से इस साल नर्सिंग काउंसलिंग में देरी होने की प्रबल संभावना है।

इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियम अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढ़ नर्स रजिस्ट्रेशन काउंसिल को कॉलेजेस को मान्यता देना का पूरा अधिकार है और जो कॉलेज इंडियन नर्सिंग काउंसिल से संबंंधता नहीं लिए हैं ऐसे छात्रों का रजिस्ट्रेशन सिर्फ छत्तीसगढ़ के लिए होगा । इस नियम के अनुसार छत्तीसगढ़ में सभी कॉलेज जिनको छत्तीसगढ़ राज्य से अनुमति मिली हुई है सभी पात्र होंगे ।

अब बारी आती है डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज (DHS)की जो चाहते हैं कि सिर्फ इंडियन नर्सिंग काउंसिल से मान्यता प्राप्त कॉलेज को अनुमति दी जाए ।
इंडियन नर्सिंग काउंसिल कॉलेजेस को दिसंबर तक मान्यता देता है अर्थात अभी बहुत से कॉलेजेस का नाम इंडियन नर्सिंग काउंसिल की वेबसाइट पर नहीं आया है ।

तीसरा विभाग है आयुक्त चिकित्सा शिक्षा (CME)जो असमंजस की स्थिति में है की नर्सिंग काउंसलिंग किसके आधार पर किया जाए ।
छत्तीसगढ़ नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल के द्वारा अनुमति प्राप्त कॉलेज जिसके अध्यक्ष DHS होते हैं या फिर इंडियन नर्सिंग काउंसिल के द्वारा अनुमति प्राप्त कॉलेजेस के हिसाब से

चौथा विभाग है आयुष यूनिवर्सिटी जिसको एग्जाम कंडक्ट कराने और डिग्री देने का अधिकार है लेकिन उन्होंने बहुत चतुराई से अपने नियमों में संशोधित कर पारित किया है इंडियन नर्सिंग काउंसिल से प्राप्त कॉलेज को ही अनुमति दी जाए ।
दिक्कत यहां है इंडियन नर्सिंग काउंसिल स्वयं कहता है कि जो कॉलेजेस उसे अनुमति प्राप्त नहीं है उनके छात्र सिर्फ उसी राज्य में प्रैक्टिस कर पाएंगे एवं इस राज्य के लिए रजिस्ट्रेशन होगा ।

इन चारों विभागों की लड़ाई में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नर्सिंग काउंसिल पूरी तरह बिखर गई है।

पूरी जिम्मेदारी DHS की होती है जिन्होंने अभी तक काउंसलिंग के लिए कॉलेज को अनुमति नहीं दी है ।

अब देखना यह है कि नर्सिंग काउंसलिंग का ऊँट किस करवट बैठता है ।

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