सोमयज्ञ में दूसरे, तीसरे और चौथे दिन प्रवर्ग्य विधि का आयोजन होता है। इस विधि में महावीर नामक मिट्टी के पात्र में देसी गाय का घी उबालकर उसमें गाय और बकरी का ताजा दूध निकालकर आहुति दी जाती है। यह अनुष्ठान उज्जैन के महाकाल मंदिर में आयोजित किया गया है। इस यज्ञ का उद्देश्य देश में उत्कृष्टता, अच्छी खेती और लोगों की खुशहाली के लिए है।
महाकाल मंदिर में सोमयज्ञ की शुरुआत हुई, जिसमें आरणी मंथन से उत्पन्न अग्नि को प्रज्वलित किया गया।

