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पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी, डीएनए रिपोर्ट से खुला राज

रायगढ़ पुलिस
दिनांक – 26 अगस्त 2026

🚨 पत्नी की गला दबाकर हत्या के बाद शव को आंगन में जलाया, हड्डियों को दफन कर पति ने दर्ज कराई गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट

🚨 सब्जी नहीं बनाने की मामूली बात पर हुआ था विवाद, पति ने पत्नी की हत्या कर छिपाया शव

🚨 रायगढ़ पुलिस की प्रोफेशनल जांच ने आरोपी के झूठ से उठाया पर्दा, डीएनए परीक्षण में हुई मृतिका की पहचान — आरोपी गिरफ्तार कर भेजा गया रिमांड पर

🚨 एसएसपी शशि मोहन सिंह — “प्रोफेशनल पुलिसिंग और वैज्ञानिक साक्ष्यों का शानदार उदाहरण, अंधे कत्ल का खुलासा करने वाली कापू पुलिस टीम बधाई की पात्र”

   *26 अगस्त, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में कापू पुलिस ने हत्या के एक पेचीदा मामले को सुलझाते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाया, हड्डियों के अवशेषों को जमीन में दबा दिया और इसके बाद थाने पहुंचकर पत्नी के गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।

     पुलिस की बारीकी से की गई जांच, संदेह के आधार पर पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का सच सामने आया। बरामद हड्डियों के अवशेष का डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसमें मृतिका की पहचान गुम महिला चमेली सिदार उम्र 26 वर्ष के रूप में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध हत्या एवं साक्ष्य छिपाने का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

गुमशुदगी की रिपोर्ट ने ही खोला हत्या का रास्ता

 जानकारी के अनुसार दिनांक 28 अप्रैल 2026 को ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार पिता मनबोध राम उम्र 39 वर्ष थाना कापू पहुंचा और अपनी पत्नी चमेली सिदार के दिनांक 16 अप्रैल 2026 की रात्रि करीब 8 बजे घर से बिना बताए कहीं चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई।

    तत्कालीन थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान महिला के पति देवानंद सिदार के बयानों एवं उसके व्यवहार में पुलिस को विरोधाभास नजर आया। पुलिस ने गुम महिला के परिजनों एवं अन्य लोगों से बारीकी से पूछताछ की, जिसके बाद संदेह की दिशा महिला के पति की ओर मजबूत होती गई।

   जांच में सामने आया कि चमेली कहीं गुम नहीं हुई थी, बल्कि उसकी हत्या कर दी गई थी और हत्या के बाद आरोपी पति ने पूरे मामले को गुमशुदगी का रूप देने का प्रयास किया था।

चार साल पहले प्रेम विवाह, नहीं थी कोई संतान

  मृतिका के पिता बालसाय सिदार उम्र 65 वर्ष निवासी मिर्जापुर (मक्कापुर), थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर ने पुलिस को बताया कि चमेली उनकी सबसे छोटी बेटी थी। करीब चार वर्ष पूर्व प्रेम संबंध के चलते देवानंद सिदार उसे अपने साथ कुमा ले गया था और पत्नी के रूप में साथ रखता था। दोनों की कोई संतान नहीं थी।

   परिजनों के अनुसार घटना के बाद दिनांक 18 अप्रैल 2026 को देवानंद उनके घर मक्कापुर आया और चमेली के वहां आने के संबंध में पूछताछ की थी। परिवार ने जब बताया कि चमेली वहां नहीं आई है तो वह वापस चला गया।

   इसके बाद दिनांक 28 अप्रैल 2026 को एक अन्य स्थान पर दशकर्म कार्यक्रम के दौरान परिजनों को जानकारी मिली कि चमेली की हत्या कर उसके पति ने शव जला दिया है। परिजन तत्काल कुमा स्थित देवानंद के घर पहुंचे और उससे पूछताछ की।

“सब्जी नहीं बनाई” तो गुस्से में पत्नी की हत्या

  पूछताछ में आरोपी देवानंद ने पुलिस एवं परिजनों के समक्ष बताया कि दिनांक 16 अप्रैल 2026 की रात भाजी की सब्जी बनाने की बात को लेकर पत्नी चमेली से उसका विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने चमेली के गले को मरोड़कर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

 हत्या के बाद आरोपी ने घटना का राज छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाया और हड्डियों के अवशेषों को जमीन में गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।

वैज्ञानिक जांच ने खोला पूरा राज

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मर्ग क्रमांक 45/2026, धारा 194 BNSS के तहत जांच प्रारंभ की गई। एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण मं तत्कालीन थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा शव उत्खनन की विधिवत अनुमति प्राप्त कर एफएसएल अधिकारी की मौजूदगी में घटनास्थल से जले हुए हड्डियों के अवशेष बरामद कर विधिवत जप्त किए गए।

मृतिका के शव के अवशेषों का पंचनामा, बरामदगी एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के साथ डॉक्टर द्वारा प्रिजर्व किए गए हड्डी के नमूने का डीएनए परीक्षण कराया गया।

  डीएनए रिपोर्ट में हड्डियों के अवशेष गुम महिला चमेली सिदार के होने की पुष्टि हुई। वैज्ञानिक साक्ष्य से हत्या की पुष्टि होने के बाद दिनांक 23 अगस्त 2026 को आरोपी देवानंद सिदार के विरुद्ध थाना कापू में अपराध क्रमांक 140/2026, धारा 103(1), 238(ए) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

तीन दिन गांव से बाहर कैम्प कर पुलिस ने दबोचा आरोपी

   अपराध दर्ज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया।

     आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने लगातार तीन दिनों तक गांव के बाहर कैम्प कर मुखबिर तंत्र सक्रिय रखा। लगातार प्रयास के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या का अपराध स्वीकार किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

      वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में अंधे कत्ल का खुलासा करने में थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की, चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द उप निरीक्षक इगेश्वर यादव (तत्कालीन थाना प्रभारी कापू), प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, प्रधान आरक्षक लक्ष्मी कैवर्त, आरक्षक विभूति सिंह, आरक्षक संजीव पटेल, विनय कुमार  एक्का, दिलीप तिर्की एवं आरक्षक अमरदीप एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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