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पुसौर में विद्यार्थियों के लिए आयोजित हुआ विशेष मार्गदर्शन कैंप, बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए बनी रणनीति

कक्षा 10वीं-12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण और विषयवार तैयारी के दिए टिप्स

रायगढ़, 9 अगस्त 2026/ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और कक्षा 10वीं एवं 12वीं की वर्ष 2027 की वार्षिक परीक्षा में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकासखंड पुसौर में एक दिवसीय विद्यार्थी मार्गदर्शन कैंप का आयोजन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू के मार्गदर्शन एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री भुवनेश्वर पटेल की पहल पर यह आयोजन सेंट जेरोम मियानी स्कूल, जकेला में किया गया। कैंप में विकासखंड की शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में अध्ययनरत कक्षा 10वीं एवं 12वीं के चयनित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मार्गदर्शन कैंप में ऐसे विद्यार्थियों को शामिल किया गया, जिन्होंने कक्षा 9वीं में 85 प्रतिशत तथा कक्षा 11वीं में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं और वर्तमान सत्र 2026-27 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत हैं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की सुनियोजित तैयारी के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर छत्तीसगढ़ की मेरिट सूची में स्थान बनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

समय प्रबंधन से लेकर विषयवार तैयारी तक, विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र

कार्यशाला के प्रारंभ में व्याख्याता भागीरथी प्रधान, गढ़उमरिया, अभिनव विद्या मंदिर के संचालक अक्षय सतपथी एवं सेजेस पुसौर के प्राचार्य अनिल गुप्ता ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण, प्रभावी नोट्स तैयार करने, स्व-अध्ययन की प्रक्रिया तथा संतुलित आहार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके बाद विद्यार्थियों को कक्षावार एवं संकायवार अलग-अलग कक्षों में विभाजित कर विषय-विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों ने आगामी तीन महीनों में परीक्षा की तैयारी के दौरान किन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना है, दीपावली अवकाश से पूर्व पाठ्यक्रम के किन हिस्सों का अध्ययन पूरा करना है तथा विषयवार ब्लूप्रिंट के अनुसार तैयारी किस प्रकार की जानी चाहिए, इसकी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। मार्गदर्शन सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं एवं परीक्षा से संबंधित विभिन्न प्रश्नों को विषय विशेषज्ञों के समक्ष रखा। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें परीक्षा की बेहतर रणनीति के लिए आवश्यक सुझाव दिए। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ मार्गदर्शन कक्षाओं में सहभागिता की।

शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम और 90 प्रतिशत से अधिक अंक के लक्ष्य पर प्राचार्यों को दिए निर्देश

मार्गदर्शन कैंप के साथ ही विकासखंड पुसौर के सभी शासकीय एवं अशासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री भुवनेश्वर पटेल ने सत्र 2026-27 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं का शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ड्रॉप आउट को शून्य करने, प्रायोगिक कार्य नियमित रूप से प्रारंभ कराने, प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं का माह में दो बार निरीक्षण करने तथा गुणवत्ता विकास के लिए व्याख्याताओं को नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी देने पर जोर दिया। साथ ही नियमित गृहकार्य देने एवं उसकी जांच करने, साप्ताहिक और मासिक परीक्षाओं का आयोजन कर उनके अभिलेख संधारित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्राथमिक शालाओं में विद्यार्थियों को 20 तक तथा माध्यमिक शालाओं में 25 तक के पहाड़े याद कराने का लक्ष्य निर्धारित करने के साथ ही प्राथमिक शालाओं में हिंदी पुस्तक का आदर्श पठन तथा माध्यमिक शालाओं में हिंदी एवं अंग्रेजी पुस्तकों का आदर्श पठन 31 अगस्त 2026 तक पूर्ण कराने पर चर्चा की गई।
श्री पटेल ने समय पर शाला में उपस्थित नहीं होने वाले शिक्षकों की जानकारी संबंधित संकुल प्राचार्य को उपलब्ध कराने, सभी शालाओं में आगमन एवं निगमन पंजी नियमित रूप से संधारित करने तथा वीएसके एप पर नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कराने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। मार्गदर्शन कैंप में व्याख्याता सुधीर शर्मा, प्रणीत शर्मा, नरेंद्र देवांगन, कमलेश जायसवाल, भागीरथी प्रधान, अनुराधा पटेल, पुरुषोत्तम पटेल, सुलेखा दास, दुर्गावती पांडेय, विनीत सिदार, नैमिष पाणिग्राही, गजानंद पटेल, ए.के. निषाद, ओम प्रकाश शर्मा, एम.के. जाना, हरीश मिश्रा, सुरेंद्र चौहान, जितेंद्र पटेल, अरुण प्रभा मिरी, सुशांत मिश्र, लक्ष्मी नारायण प्रधान, रूपेश चौधरी सहित अन्य विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। आयोजन की आवश्यक व्यवस्थाओं में सीएसी शांतनु पंडा, राजकिशोर स्वर्णकार, बेनी प्रसाद उरांव, जगदीश पटेल, मुरलीधर गुप्ता, गुरुदेव गुप्ता, सेंट जेरोम के प्राचार्य एवं संजय पटेल का विशेष योगदान रहा।

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