रायगढ़। शहर के जागरूक नागरिक एवं समाजसेवी पिंटू सिंह ने जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के घरों में कथित रूप से दबाव बनाकर स्मार्ट मीटर लगाए जाने की शिकायतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि अनेक उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभागीय कर्मचारी घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए दबाव बना रहे हैं तथा यह भी कह रहे हैं कि यदि स्मार्ट मीटर नहीं लगाया गया तो विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर नहीं लगवाना चाहता है, तो उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाना उचित नहीं है। यदि उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाना वास्तव में अनिवार्य ही है, तो विभाग केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी संबंधित वैधानिक आदेश अथवा नियम सार्वजनिक करे, ताकि उपभोक्ताओं के मन में बनी शंकाएं दूर हो सकें।
पिंटू सिंह ने कहा कि अनेक उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगने के बाद अपेक्षा से अधिक बिजली बिल आने की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर प्रभावी और संतोषजनक सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे आम जनता में आक्रोश बढ़ रहा है।
जनता के आक्रोश का एक मुख्य कारण यह भी है कि जब भी बिजली बाधित से संबंधित कोई भी समस्या की शिकायत की जाती है तो कोई विभाग में फोन उठाने वाला या कोई जवाबदार आदमी नहीं होता। पिंटू सिंह ने आगे कहा है कि जितना आप स्मार्ट मीटर लगाने की चिंता कर रहे हैं उससे ज्यादा यदि आप उपभोक्ताओं की शिकायतो का निवारण करने में ध्यान करते हैं तो आम उपभोक्ता भी बिजली विभाग से संतुष्ट होकर स्मार्ट मीटर लगाने में दिलचस्पी दिखाता परंतु समस्या का निराकरण नहीं होने से लोगों के मन में भ्रांति भ्रांति की आशंकाएं पैदा हो रही है जिसका निराकरण अत्यंत आवश्यकता है एवं दबाव पूर्वक कहीं पर भी स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं को मजबूर नहीं किया जा सकता।
उन्होंने शासन एवं विद्युत विभाग से मांग की है कि उपभोक्ताओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए तथा किसी भी उपभोक्ता पर दबाव बनाकर स्मार्ट मीटर लगाने की शिकायतों पर तत्काल रोक लगाई जाए। विभाग जनता के अधिकारों का सम्मान करते हुए पारदर्शिता के साथ कार्य करे।
जारीकर्ता
पिंटू सिंह
जागरूक नागरिक एवं समाजसेवी, रायगढ़

