टीबी, कुष्ठ, एचपीवी टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सहित सभी योजनाओं की प्रगति पर बनी कार्ययोजना
कलेक्टर के निर्देशानुसार अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
रायगढ़, 15 जुलाई 2026/ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा शासन की प्राथमिकता वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत की अध्यक्षता में सीएमएचओ कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों, लंबित कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), मुख्य कार्यक्रम प्रबंधक (सीपीएम), विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के जिला नोडल अधिकारी, सेक्टर प्रभारी एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी), राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी), राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी), गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनसीडी), एचपीवी टीकाकरण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, मातृ मृत्यु दर (एमएमआर), शिशु मृत्यु दर (आईएमआर), उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं प्रबंधन, संस्थागत प्रसव तथा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध जांच एवं उपचार सुविधाओं की बिंदुवार जानकारी ली गई। जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं है, वहां विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति, नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्तापूर्ण रिपोर्टिंग तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समय पर प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे, इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाना आवश्यक है। बैठक में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित लेप्रोसी केस डिटेक्शन कैंपेन (एलसीडीसी) की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को घर-घर सर्वेक्षण के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान, समय पर उपचार एवं जनजागरूकता गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही एचपीवी टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए विद्यालयों, अभिभावकों एवं स्वास्थ्य अमले के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा पात्र बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, जांच सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गईं। साथ ही निर्देश दिए गए कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध हों तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही की स्थिति न बने। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों की पूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी प्रतिबद्धता और समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।

