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महिला आरक्षण और सशक्तिकरण को लेकर बीजेपी का दोहरा चरित्र बेनकाब,

नेता प्रतिपक्ष ने शहर सरकार पर साधा निशाना, कहा 37 पार्षदों के बावजूद एमआईसी अधूरी, अनुभवी महिला-पुरुष पार्षदों की लगातार हो रही उपेक्षा,

रायगढ़।

नगर पालिक निगम रायगढ़ की भाजपा नेतृत्व वाली शहर सरकार एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर आ गई है। नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कार्यकाल के करीब डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी महापौर परिषद के दो मंत्री पद आज तक रिक्त पड़े हैं। 37 भाजपा पार्षद होने के बावजूद इन पदों को नहीं भर पाना शहर सरकार की कार्यशैली और महिला आरक्षण पर सवाल खड़े करता है।

सलीम नियारिया ने कहा कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि भाजपा को अपने ही 37 पार्षदों में दो योग्य जनप्रतिनिधि नहीं मिल रहे हैं। क्या महापौर और विधायक की नजर में केवल वर्तमान आठ एमआईसी सदस्य ही योग्य हैं, जबकि पार्टी के पास अनुभवी और वरिष्ठ पार्षदों की लंबी सूची मौजूद है। उन्होंने आशीष ताम्रकार, नारायण पटेल, हरि शरद सराफ, श्रीमती सुमित्रा खुलु सारथी, श्रीमती श्वेता सिंह क्षत्रिय, श्रीमती सरिता राजेंद्र ठाकुर, अमरनाथ रात्रे, विजय चौहान, श्रीमती शोभा अरुण देवांगन तथा श्रीमती संतोषी पदुमलाल प्रजा जैसे वरिष्ठ और अनुभवी पार्षदों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके रहते हुए भी एमआईसी के दो पद रिक्त रहना समझ से परे है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि निगम परिषद की बैठकों में जब विपक्ष सवाल उठाता है तो कई एमआईसी सदस्य जवाब देने में असहज नजर आते हैं और अधिकांश सवालों के संतोषजनक उत्तर तक नहीं मिल पाते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कहीं महापौर और विधायक के बीच तकरार या आपसी अनबन तो इसकी वजह नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि भाजपा की अंदरूनी राजनीति से विपक्ष का कोई लेना-देना नहीं है लेकिन नगर निगम अधिनियम के अनुरूप एमआईसी का पूर्ण गठन होना चाहिए और इसकी जिम्मेदारी नगर निगम आयुक्त की भी है।

महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी श्री नियारिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा 50 प्रतिशत महिला भागीदारी का दंभ भरती है। और उनके द्वारा सदन में महिला आरक्षण का प्रस्ताव खुद लाकर खुद ही उसका विरोध करी। यही भाजपा है कांग्रेस पर महिला आरक्षण विरोधी बताकर काली पट्टी बांध कर विरोध किया था। उन्होंने याद दिलाया कि निगम परिषद में विपक्ष ने एमआईसी में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण देने तथा सभापति के दो वर्ष के कार्यकाल के बाद सभापति से इस्तीफा लेकर महिला पार्षद को सभापति बनाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन भाजपा केवल महिलाओं के आरक्षण का ढोंग करती है। श्री नियारिया ने आरोप लगाया कि एल्डरमैन नियुक्तियों में भी एक भी महिला को स्थान नहीं दिया गया। इससे भाजपा का महिला सम्मान और महिला सशक्तिकरण का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो गया है। उन्होंने कहा कि यह रायगढ़ शहर की भाजपा से जुड़ी महिलाओं के सम्मान की भी उपेक्षा की गई है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा महिलाओं के नाम पर केवल राजनीतिक दिखावा कर रही है। यदि वास्तव में महिला सशक्तिकरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता होती तो एमआईसी से लेकर एल्डरमैन नियुक्ति तक महिलाओं को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व दिया जाता। उन्होंने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि इन सबको देखते हुए कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है।

यह देश की उच्च सदन में भी इसी तरह का ढोंग और नाटक नौटंकी किए थे और अपने ही लाए प्रस्ताव को इन लोगों ने खुद गिरवाया था। भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी महिला नेत्रियां अपने आप को ठगा महसूस कर रही हैं उन्हें न ही एमआईसी में 50% का आरक्षण मिला और न ही एल्डरमैन में एक भी किसी भाजपा महिला नेतृत्व को स्थान मिला जो पार्टी महिलाओं को 50% आरक्षण देने का दम भरती है उसका दोहरा चरित्र सामने आ गया है भाजपा अपनी पार्टी से जुड़ी महिलाओं का केवल पार्टी के लिए उपयोग कर रही है।
देश प्रदेश और शहर की जनता और उनकी पार्टी से जुड़ी महिलाएं भी इनके दोहरे चरित्र को जान गई है। हो सकता है इस समाचार के प्रकाशित होने के बाद किसी के कहने पर कोई न कोई महिला नेत्री अपने पैर में जरूर कुल्हाड़ी मारेगी कि उन्हें पद नहीं चाहिए।

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