रायगढ़ :- खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मौजूदा कड़े नियमों के कारण रायगढ़ सहित पूरे देश के छोटे और मध्यम व्यापारी भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इन समस्याओं को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री चिराग पासवान को एक विस्तृत पत्र भेजकर नियमों में व्यावहारिक सुधार की पुरजोर मांग की है। CAIT के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी ने बताया कि लाइसेंस के नवीनीकरण की बार-बार की अनिवार्यता और प्रशिक्षण के कठिन नियमों से व्यापारियों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं, जिसे अब सरल बनाने की आवश्यकता है।
इस मुहिम का समर्थन करते हुए रायगढ़ के प्रमुख व्यापारी नेता रामनिवास मोड़ा, पवन बसंतानी, संतोष अग्रवाल, किशोर तलरेजा, महेश जेठानी और मनीष उदासी ने एक स्वर में कहा कि व्यापारियों को व्यापार करने में सुगमता मिलनी चाहिए, न कि प्रशासनिक उलझनों में उलझाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि जब तक व्यवसाय के पते या प्रकृति में कोई बड़ा बदलाव न हो, तब तक FSSAI लाइसेंस को आजीवन वैध (Lifetime Validity) कर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही, ऐसे व्यापारी जो केवल सीलबंद और ब्रांडेड खाद्य सामग्री बेचते हैं, उन्हें FoSTaC प्रशिक्षण की अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्त रखा जाना चाहिए, क्योंकि वे खुद खाद्य निर्माण या प्रसंस्करण का कार्य नहीं करते हैं।
इस मांग को लेकर रायगढ़ के व्यापारिक जगत में भारी उत्साह है। सुनील अग्रवाल, संजय रातेरिया, रवि सूखेजा, कमलेश मोटवानी, प्रमोद अग्रवाल, सत्यराम साहू, हितेश बत्ता, सुरेश रोड़ा, भारत बलेचा, त्रिलोक आहूजा, अभिषेक गुप्ता, विजय खत्री और प्रकाश मेहनी ने कहा कि सरकार यदि इन सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो यह छोटे व्यापारियों के लिए एक बड़ी राहत होगी। व्यापारियों का मानना है कि खाद्य सुरक्षा के मानकों से समझौता किए बिना भी नियमों को व्यापार-अनुकूल बनाया जा सकता है। CAIT के प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया है कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान व्यापारियों की इन वाजिब मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले इन व्यापारियों के हित में शीघ्र ठोस कदम उठाएंगे।

