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वनांचल की गायत्री यादव ने लिखी स्वावलंबन की नई इबारत, बिहान योजना से संवर रही सैकड़ों महिलाओं की तकदीर

घर की चारदीवारी से निकलकर बनीं आठ पंचायतों की मार्गदर्शक

विविध आजीविका साधनों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

रायगढ़, 7 मार्च 2026/ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम तालगांव की श्रीमती गायत्री यादव आज महिला सशक्तिकरण की एक अच्छी मिसाल बन गई हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी जिंदगी बदली, बल्कि आसपास की कई पंचायतों की महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया है।
श्रीमती गायत्री यादव बताती हैं कि पहले उनका दायरा घर तक ही सीमित था और वे गांव की अन्य महिलाओं से भी ज्यादा परिचित नहीं थीं। वर्ष 2018 में वे “मां अम्बे” स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। इसके बाद “देवी मां” ग्राम संगठन और “मां संकुल कापू” के माध्यम से सक्रिय होकर काम करने लगीं। उनकी सक्रियता और काम को देखते हुए आज वे महिला ब्लॉक संगठन धरमजयगढ़ में एफएलसीआरपी के रूप में कार्य कर रही हैं और आठ पंचायतों की महिलाओं को समूह गतिविधियों व आजीविका से जोड़ने में मार्गदर्शन दे रही हैं। बिहान योजना के तहत मिलने वाले रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश कोष और बैंक लिंकेज की मदद से महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। तालगांव और आसपास की महिलाएं अब कपड़ा दुकान, सेंट्रिंग प्लेट का व्यवसाय, मत्स्य पालन और खेती जैसे कार्यों से जुड़कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
श्रीमती गायत्री यादव ने बताया कि शासन की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से वनांचल की महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन रही है।

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