35 बंदियों ने लिया प्रथम बैच में प्रवेश, 10 दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम शुरू

रिहाई के बाद स्वरोजगार के लिए आत्मनिर्भरता और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में पहल

रायगढ़, 25 फरवरी 2026। महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएँ के निर्देशानुसार “निश्चय” कार्यक्रम के अंतर्गत जिला जेल रायगढ़ में बंदियों के कौशल विकास के लिए मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया है। एसबीआई आरसेटी के विशेष सहयोग से आयोजित यह 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशिक्षण के प्रथम बैच में 35 बंदियों का पंजीयन किया गया है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें ऐसा व्यावसायिक कौशल प्रदान करना है, जिससे वे रिहाई के बाद सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों द्वारा मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। बंदियों को कंपोस्ट तैयार करने की विधि, स्पॉन (बीज) डालने की तकनीक, तापमान एवं नमी संतुलन बनाए रखने, फसल की देखभाल तथा तैयार उत्पाद के विपणन संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षकों के अनुसार मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिसे छोटे स्तर पर भी आसानी से प्रारंभ किया जा सकता है। यह प्रशिक्षण न केवल बंदियों के आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा, बल्कि उनके सामाजिक पुनर्वास की प्रक्रिया को भी सशक्त बनाएगा। जेल प्रशासन ने जानकारी दी कि भविष्य में भी बंदियों के सर्वांगीण विकास और पुनर्वास के लिए इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते

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