गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
पूर्ण ग्राम पंचायतों को तत्काल हैंडओवर, उदासीनता बरतने वालों पर कार्रवाई के निर्देश
रायगढ़, । कलेक्टोरेट सभा कक्ष, रायगढ़ में आज जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक कलेक्टर सह-अध्यक्ष जिला जल एवं स्वच्छता मिशन श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और लंबित तथा प्रगतिरत कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग रायगढ़ की कार्यपालन अभियंता श्रीमती प्रतिभा नवरत्न सहित जिले के सभी विकासखंडों के सहायक अभियंता, उप अभियंता एवं संबंधित ठेकेदार उपस्थित थे
समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने राष्ट्रीय योजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत सभी निर्माण एवं स्थापना कार्य 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग, सतत स्थल निरीक्षण एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां योजनाओं को नियमानुसार ग्राम पंचायतों को हैंडओवर करने की प्रक्रिया तत्काल सुनिश्चित की जाए। यदि किसी पंचायत स्तर पर राष्ट्रीय योजनाओं के पूर्ण होने के बाद हैंडओवर लेने में किसी प्रकार की समस्या आ रही हो, तो ऐसी ग्राम पंचायतों की सूची जिला पंचायत सीईओ को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन के प्रति उदासीनता बरतने वाली पंचायतों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। कलेक्टर ने विभागीय तकनीकी टीम को जल जीवन मिशन के कार्यों की सतत निगरानी के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने ठेकेदारों से एक-एक कार्य की समीक्षा करते हुए विभागीय समन्वय के अभाव में रुके हुए कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि जिले के प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में सभी अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करते हुए जल जीवन मिशन के लक्ष्यों की समय पर प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
