कलेक्टर के निर्देशन में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

फाइल मूवमेंट, नोटशीट, एचआरएमएस व स्पैरो संचालन की दी गई विस्तृत और गहन जानकारी

रायगढ़, 23 फरवरी 2026। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले के समस्त विभागों एवं कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आज जिला कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली को डिजिटल माध्यम से अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं दक्ष बनाना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व टोप्पो ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली शासन की प्राथमिकता में शामिल एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता आएगी तथा फाइलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब की समस्या समाप्त होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे ई-ऑफिस एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें।

संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल ने राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को गंभीरता से समझने और उनका अक्षरशः पालन करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली को अपनाने से न केवल कार्यों की निगरानी आसान होगी, बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
राज्य स्तर से आए प्रशिक्षक विश्वास निगम एवं अमितेश शुक्ला ने ई-ऑफिस के संचालन की तकनीकी बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रशिक्षण के दौरान फाइल मूवमेंट, ई-नोटशीट तैयार करना, दस्तावेजों का डिजिटल संधारण, सुरक्षा एवं गोपनीयता प्रोटोकॉल, लॉगिन प्रक्रिया, डिजिटल हस्ताक्षर तथा अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी बिंदुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा तत्परता से किया गया।
एनआईसी के प्रोग्रामर ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यों को पूर्णतः डिजिटल रूप से सुव्यवस्थित करना है, जिससे कागजी प्रक्रिया में कमी लाई जा सके और प्रशासनिक कार्यों में तीव्रता व पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली शासन की ‘पेपरलेस ऑफिस’ अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे प्राप्त प्रशिक्षण को गंभीरता से समझते हुए अपने-अपने कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि जिले में डिजिटल प्रशासन को नई दिशा मिल सके।

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