रायगढ़, / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, रायपुर द्वारा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन आज जिलेभर में दो पालियों में किया गया। परीक्षा के लिए रायगढ़ में 14 केंद्रों का गठन किया गया था। सुबह की पाली में सामान्य अध्ययन और शाम की पाली में तार्किक क्षमता की परीक्षा आयोजित की गई।
राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के पहले सत्र में सुबह 10 बजे से शुरू हुई परीक्षा के लिए 14 केंद्रों पर कुल 3515 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 2707 परीक्षार्थी उपस्थित रहे और 808 अनुपस्थित रहे। इसी तरह शाम की पाली में 14 परीक्षा केंद्रों पर कुल 3515 परीक्षार्थियों में 2662 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि 853 परीक्षार्थी अनुपस्थित थे।
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए लोक सेवा आयोग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के 2 घंटे पूर्व पहुंचने के निर्देश थे, ताकि उनकी भौतिक रूप से जांच (फ्रिस्किंग) महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों द्वारा की जा सके और साथ ही उनकी पहचान पत्र की सत्यापन प्रक्रिया की जा सके। आयोग के अनुसार पहचान पत्र की फोटोकॉपी या अन्य साधनों में सत्यापन मान्य नहीं था।

मुख्य द्वार 15 मिनट पूर्व हुए बंद
लोक सेवा आयोग के निर्देशानुसार परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पहले ही परीक्षा केंद्रों का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। प्रातः 9:45 बजे मुख्य द्वार बंद कर दिए गए, क्योंकि परीक्षा सुबह 10:00 बजे से शुरू हुई थी। उसी तरह, शाम की परीक्षा के लिए अपरान्ह 2:45 बजे द्वार बंद किए गए, जबकि परीक्षा अपरान्ह 3:00 बजे से प्रारंभ हुई थी।

शांति पूर्ण संपन्न हुई परीक्षा
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार, राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए श्री धनराज मरकाम, डिप्टी कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। इसके अलावा, श्री संदीप राजपूत, तहसीलदार, श्री भुवनेश्वर पटेल, प्राचार्य, शासकीय हाई स्कूल पुसल्दा, और श्री बाबू लाल पटेल, व्याख्याता, शासकीय हाई स्कूल मिडमिडा को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया।
परीक्षा केंद्रों की सामग्री वितरण और सघन निरीक्षण के लिए श्री सिल्वेस्टर कुजूर, जिला सांख्यिकीय अधिकारी, श्री अनिल वर्मा, उपसंचालक कृषि, श्री के.एस. कंवर, उपसंचालक नगर एवं ग्राम निवेश, श्री सतीश गुप्ता, सहायक संचालक मत्स्य और श्री दीपक मंडावी, जिला पंजीयक के नेतृत्व में तीन सदस्यीय उड़नदस्ता और परिवहन दलों का गठन किया गया था। इस प्रभावी निगरानी और तैयारी की वजह से परीक्षा पूरी शांति और सुव्यवस्था से संपन्न हुई।

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