रायगढ़ , जिला पंचायत रायगढ़ की ‘सहकारिता एवं उद्योग समिति’ के सभापति श्री गोपाल अग्रवाल ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता और पाइपलाइन विस्तार के बाद सड़कों की बदहाली पर कड़ा रुख अपनाया है। श्री अग्रवाल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के कार्यपालन अभियंता को आधिकारिक पत्र जारी कर 5 प्रमुख बिंदुओं पर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जानकारी तलब की है।
जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सभापति श्री अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं की जा रही है, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। साथ ही, कुछ स्थानों पर प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
विज्ञप्ति के मुख्य बिंदु:
गुणवत्ता की जांच: विभाग से पूछा गया है कि क्या सक्षम अधिकारी कार्यों की गुणवत्ता से संतुष्ट हैं? यदि हाँ, तो लैब टेस्ट रिपोर्ट के साथ लिखित अभिमत प्रस्तुत करें।
सड़कों की बहाली: जिन ठेकेदारों ने कार्य के बाद सड़कों को पूर्ववत स्थिति में नहीं लाया है, उन पर विभाग ने अब तक क्या कार्रवाई की है, इसका विवरण मांगा गया है।
औद्योगिक क्षेत्रों में जल संकट: विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों के समीप स्थित गांवों में जल स्रोतों की निरंतरता और भविष्य के लिए वैकल्पिक जल स्रोतों के तकनीकी आंकलन की जानकारी मांगी गई है।
संचालन में बाधा: जो योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं लेकिन बिजली कनेक्शन या अन्य तकनीकी कारणों से शुरू नहीं हो पाई हैं, उनकी ग्रामवार सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कड़ी चेतावनी: सभापति श्री गोपाल अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित 7 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब और तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त नहीं होती है, तो समिति स्वयं कार्यस्थलों का औचक निरीक्षण करेगी। निरीक्षण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही हेतु शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा।
“हमारा लक्ष्य केवल पाइपलाइन बिछाना नहीं, बल्कि हर ग्रामीण तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना और उनके आवागमन को सुरक्षित रखना है। विकास कार्यों के नाम पर जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए।” — गोपाल अग्रवाल, सभापति (सहकारिता एवं उद्योग समिति), जिला पंचायत रायगढ़

