फाइलेरिया से आजीवन बचाव संभव, दवा पूरी तरह सुरक्षित

कलेक्टर ने कहा-भ्रम से दूर रहें, अनिवार्य रूप से करें दवा का सेवन

रायगढ़, / राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने शासकीय हाईस्कूल रामभांठा में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर अभियान का शुभारंभ किया और नागरिकों से सहभागिता की अपील की। मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने भी दवा का सेवन किया।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि फाइलेरिया से बचाव के उपाय अत्यंत सरल और प्रभावी हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही मानक खुराक का नियमित सेवन करने से इस बीमारी से आजीवन बचाव संभव है। उन्होंने आमजन को आश्वस्त किया कि दवाइयां पूरी तरह सुरक्षित हैं, अतः किसी भी प्रकार के संकोच या अफवाह में न आएं। उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में शासकीय संस्थानों और शैक्षणिक परिसरों में दवा सेवन कराया जाएगा, जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर अपनी निगरानी में दवा खिलाएंगे।
25 फरवरी तक चलेगा अभियान, मॉप-अप राउंड से छूटे लोग होंगे शामिल
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत ने जानकारी दी कि 25 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत जिले के 4.64 लाख से अधिक नागरिकों को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 10 से 12 फरवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों एवं कॉलेजों में बूथ स्तर पर दवा सेवन कराया जाएगा, जबकि 13 से 22 फरवरी तक स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे। 23 से 25 फरवरी के बीच मॉप-अप राउंड चलाकर छूटे हुए लोगों को कवर किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष से कम आयु के बच्चों और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र नागरिकों के लिए स्वास्थ्यकर्मी के सामने दवा सेवन अनिवार्य है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी ने कहा कि समय पर नियंत्रण नहीं होने पर यह मच्छरजनित बीमारी स्थायी विकलांगता का कारण बन सकती है। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा, डॉ. सोनाली मेश्राम सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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